कुक्षी से बड़केश्वर कावड़ यात्रा पिछड़ा वर्ग धार ग्रामीण जिला अध्यक्ष हिरालाल ब्रजवासी के नेतृत्व में निकाली गई। बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए और बड़केश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कुक्षी से बड़केश्वर कावड़ यात्रा में उमड़े श्रद्धालु
श्रावण मास के पावन अवसर पर कुक्षी में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पिछड़ा वर्ग धार ग्रामीण जिला अध्यक्ष हिरालाल ब्रजवासी के नेतृत्व में कुक्षी से बड़केश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त कावड़ लेकर शामिल हुए।
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ कुक्षी और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालु कावड़ यात्रा में शामिल हुए। सुबह से ही कावड़ियों में जबरदस्त उत्साह नजर आया। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन दिखाई दिए।
“हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से गूंजा मार्ग
कावड़ यात्रा जैसे-जैसे कुक्षी से बड़केश्वर महादेव मंदिर की ओर आगे बढ़ी, पूरा मार्ग “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा।
भगवा रंग में नजर आए श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ यात्रा पूरी की। कावड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं की भगवान शिव के प्रति आस्था देखते ही बन रही थी। यात्रा के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और शिवभक्त भोलेनाथ का जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे।
कुक्षी से बड़केश्वर कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे मार्ग में बना रहा। कावड़ियों ने श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ यात्रा में भाग लिया।
बड़केश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक
कावड़िए श्रद्धा और भक्ति के साथ बड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां भगवान भोलेनाथ का पवित्र जल से जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की गई।
श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव के समक्ष क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने के बाद कावड़ियों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की आराधना की।
श्रावण मास में भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने बड़केश्वर महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया।
हिरालाल ब्रजवासी के नेतृत्व में निकली भव्य कावड़ यात्रा
इस भव्य धार्मिक आयोजन का नेतृत्व पिछड़ा वर्ग धार ग्रामीण जिला अध्यक्ष हिरालाल ब्रजवासी ने किया। उनके नेतृत्व में निकली कुक्षी से बड़केश्वर कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों की सहभागिता देखने को मिली।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का परिचय दिया। पूरे मार्ग पर कावड़ियों में उत्साह बना रहा और भगवान शिव के जयकारों के बीच यात्रा बड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंची।
श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी के कारण यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना। शिवभक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना की।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
पिछड़ा वर्ग धार ग्रामीण जिला अध्यक्ष हिरालाल ब्रजवासी के नेतृत्व में निकली इस कावड़ यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में एकता, भाईचारे और सेवा भावना का संदेश दिया।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में अनुशासन और उत्साह के साथ भाग लिया। धार्मिक आयोजन के माध्यम से लोगों में आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी पहुंचा।
कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का आयोजन नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक समरसता की भावना भी देखने को मिली। अलग-अलग वर्गों से जुड़े शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की भक्ति में एक साथ नजर आए।
भगवा रंग में रंगा नजर आया कावड़ यात्रा का मार्ग
कुक्षी से बड़केश्वर कावड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवा रंग में दिखाई दिए। शिवभक्तों के हाथों में कावड़ और मुख पर भगवान भोलेनाथ का जयघोष धार्मिक वातावरण को और भी भक्तिमय बना रहा था।
“बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच आगे बढ़ रहे श्रद्धालुओं ने पूरी यात्रा उत्साह के साथ पूरी की। कावड़ियों में सुबह से ही उत्साह था, जो बड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचने तक बना रहा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था दिखाई दी। कावड़ यात्रा में शामिल लोगों ने धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान भोलेनाथ के चरणों में पवित्र जल अर्पित किया।
क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
बड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। शिवभक्तों ने क्षेत्र में शांति, खुशहाली और आपसी भाईचारा बना रहने की कामना की।
श्रद्धालुओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर है। कावड़ यात्रा के माध्यम से भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने के साथ ही समाज में धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाता है।
अनुशासन और उत्साह के साथ पूरी हुई यात्रा
कुक्षी से बड़केश्वर कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में अनुशासन बनाए रखा। धार्मिक जयकारों और भोलेनाथ की भक्ति के बीच कावड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे।
बड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का धार्मिक उद्देश्य पूरा हुआ। इस दौरान शिवभक्तों में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
इस भव्य कावड़ यात्रा ने एक ओर जहां श्रावण मास में भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया, वहीं दूसरी ओर समाज में एकता, भाईचारे और सेवा भावना का संदेश भी दिया।
रिपोर्ट: नरेन्द्र सिरवी, कुक्षी

