श्रावक संस्कार शिविर इंदौर का आयोजन 16 से 25 सितंबर तक मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में दलाल बाग में होगा। आलोक-आकाश कोल प्रमुख पुण्यार्जक होंगे।
रिपोर्टर: राजेश जैन दद्दू, इंदौर
मुनि श्री सुधा सागर जी के सानिध्य में इंदौर में होने वाले श्रावक संस्कार शिविर के प्रमुख पुण्यार्जक आलोक-आकाश कोल होंगे
इंदौर। श्रावक संस्कार शिविर इंदौर का भव्य आयोजन पर्वराज पर्युषण पर्व पर दिनांक 16 से 25 सितंबर तक श्रमण संस्कृति के महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के सुशिष्य महाश्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के पावन सानिध्य एवं सकल दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति के तत्वावधान में दलाल बाग, इंदौर में किया जाएगा।
इस विशाल श्रावक संस्कार शिविर के मुख्य पुण्यार्जक प्रसिद्ध समाजसेवी एवं निरभिमानी महादानी श्रीमंत सेठ श्री आलोक-मधु जैन एवं आकाश-दीपिका जैन इंदौर (कोल परिवार) होंगे।
श्रावक संस्कार शिविर इंदौर का यह 33वां वर्ष
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनिश्री के सानिध्य में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले श्रावक संस्कार शिविर का यह 33वां वर्ष है। यह शिविर गुरुकुल परंपरा पर आधारित होगा और शिविर में पांच हजार से अधिक शिविरार्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है।
समिति के अध्यक्ष आनंद गोधा ने बताया कि शिविरार्थियों के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पंजीयन शुरू हो गए हैं। श्रावक संस्कार शिविर इंदौर को लेकर समाज में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
आलोक-आकाश कोल के पुण्यार्जक बनने पर समाज में हर्ष
आलोक-आकाश कोल के शिविर पुण्यार्जक बनने पर जैन समाज में हर्ष व्याप्त है। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, आजाद जैन, राजीव जैन बंटी, अमित कासलीवाल, मनीष गोधा, आनंद नवीन गोधा, हर्ष जैन, हंसमुख गांधी, टीके वेद, अक्षय कासलीवाल, धर्मेन्द्र सिनकेम और अशोक डोसी आदि समाज श्रेष्ठियों ने उन्हें बधाई दी।
आयोजन को लेकर जैन समाज में तैयारियां तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में समाजजन इस धार्मिक आयोजन से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
मुनि श्री 108 सुधा सागर जी के पावन सानिध्य में होगा शिविर
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्रावक संस्कार शिविर के जिज्ञासा समाधान प्रवर्तक जगत पूज्य मुनिपुंगव श्री 108 सुधा सागर जी ऋषिराज ससंघ के पावन सानिध्य में होने वाले इस शिविर का उद्देश्य श्रावक-श्राविकाओं को जैन संस्कार, आचार-विचार, धर्म और गुरुकुल परंपरा से जोड़ना है।
श्रावक संस्कार शिविर इंदौर के माध्यम से धर्म के सिद्धांतों को केवल समझाने ही नहीं, बल्कि उन्हें जीवन और आचरण में उतारने की प्रेरणा भी दी जाएगी।
दसलक्षण पर्व के दस धर्मों की होगी गहन व्याख्या
दसलक्षण पर्व के दस दिनों में क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस धर्मों की गहन व्याख्या के साथ उनके आचरण की प्रेरणा दी जाएगी।
गुरुकुल परंपरा पर आधारित इस शिविर के माध्यम से श्रावक-श्राविकाओं, युवाओं और समाज की नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
“इस शिविर में पुनः नए इतिहास रचे जाएंगे”
आयोजकों ने बताया कि “इस शिविर में पुनः नए इतिहास रचे जाएंगे।” पर्वाधिराज दसलक्षण महापर्व और श्रावक संस्कार शिविर को लेकर जैन समाज में भारी उत्साह है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस शिविर में भाग लेकर धर्मलाभ लेने के लिए तैयार हैं।
आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन अवसर का लाभ लेने की अपील की है।
दलाल बाग इंदौर में आयोजित होने वाला यह 33वां श्रावक संस्कार शिविर जैन धर्म, संस्कार, साधना और गुरुकुल परंपरा का महत्वपूर्ण संगम बनने जा रहा है। मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में होने वाले इस आयोजन को लेकर इंदौर सहित विभिन्न क्षेत्रों के जैन समाज में उत्साह का वातावरण है।

