MP Weather Today: 72 घंटे से लगातार बारिश, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; भोपाल-गुना में स्कूल बंद
MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले करीब 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में अब तक 527 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं, नर्मदा नदी का जलस्तर महज 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल और सड़कें पानी में डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार को इंदौर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इंदौर संभाग के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली का प्रभाव बुधवार को भी देखने को मिलेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है। नदी-नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
भोपाल में बिगड़े हालात, 200 घरों में घुसा पानी
राजधानी भोपाल में लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में हालात खराब हो गए हैं। शहर में करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। कई सड़कें घंटों तक पानी में डूबी रहीं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
बारिश के कारण कुछ इलाकों में बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियां भी पानी से घिर गईं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर करीब एक फीट पानी भर जाने के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। यहां पानी से भरे गड्ढे में बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूली वैन फंस गई। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई।
नर्मदा का जलस्तर 48 घंटे में 10 फीट बढ़ा
MP में लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। नर्मदा नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर नदी का जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है।
पिछले 48 घंटे के दौरान नर्मदा का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में बसे परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई स्थानों पर छोटे पुलों के डूबने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
राजगढ़ में 9 इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश रिकॉर्ड की गई। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में करीब 9 इंच बारिश हुई। वहीं खिलचीपुर में लगभग 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा।
राजगढ़ शहर में करीब 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच, जबकि सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई। इसी तरह आगर-मालवा के सोयतकलां में करीब 7.7 इंच और आगर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच और शाजापुर शहर में करीब 3.4 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही इस बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
भोपाल और गुना में स्कूल बंद
बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना प्रशासन ने बुधवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। लगातार बारिश और जलभराव के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और नदी, नाले, पुल-पुलियों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
अगले चार दिन भी महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिन भी बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इंदौर क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी एक नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
45 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
MP में भारी बारिश के बावजूद तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश के करीब 45 जिलों में बारिश अभी भी सामान्य से कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 18 प्रतिशत तक बताई गई है।
कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कुछ जिलों में 5 से 46 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। दूसरी ओर भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
जुलाई में पूरा हुआ बारिश का कोटा, फिर भी सीजन में 13 फीसदी कमी
MP में जून के दौरान सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश हुई, लेकिन मानसून में आए दो ब्रेक के कारण शुरुआती कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी।
जुलाई का बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन पूरे मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश अभी भी सामान्य बारिश से करीब 13 प्रतिशत पीछे है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश लगभग 37.3 इंच मानी जाती है।
फिलहाल लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में राहत के साथ-साथ चुनौती भी बढ़ा दी है। आने वाले चार दिनों में मौसम प्रणाली की सक्रियता के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की स्थिति पर प्रशासन और मौसम विभाग की नजर बनी रहेगी।
