बड़े जैन मंदिर में चोरी, आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
चांदी के तीन छत्र चोरी होने से जैन समाज में आक्रोश, पुलिस से जल्द खुलासे की मांग
मुरैना (मनोज जैन नायक) । शहर के प्रतिष्ठित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा के ऊपर लगे चांदी के तीन छत्र चोरी होने की घटना को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो आरोपी पकड़ा गया है और न ही चोरी गए छत्र बरामद हो सके हैं। घटना को लेकर सकल दिगम्बर जैन समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर मामले का खुलासा करने की मांग की है।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर हुई चोरी गंभीर मामला है। एफआईआर दर्ज होने और पुलिस अधीक्षक की ओर से जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक ठोस परिणाम सामने नहीं आने से समाज में असंतोष बढ़ रहा है। मंदिर कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा नहीं हुआ तो समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
3 अगस्त की शाम चोरी की घटना
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अनिल जैन और मंत्री विनोद जैन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चोरी की घटना 3 अगस्त की शाम करीब 7:40 बजे हुई। अज्ञात व्यक्ति ने भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा के ऊपर एक ही लड़ी में लगे चांदी के तीन छत्र चोरी कर लिए।
बताया गया है कि चोरी किए गए तीनों छत्रों का कुल वजन लगभग डेढ़ किलो था। धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन और समाज के लोगों में चिंता फैल गई।
घटना के बाद मंदिर कमेटी और समाज के लोगों ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके अगले दिन 4 अगस्त की सुबह सकल समाज की उपस्थिति में सिटी कोतवाली मुरैना में चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई।
पुलिस से जल्द कार्रवाई की उम्मीद थी
एफआईआर दर्ज होने के बाद जैन समाज के लोगों को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही आरोपी तक पहुंच जाएगी और चोरी गए चांदी के छत्र बरामद कर लिए जाएंगे। लेकिन घटना के आठ दिन बाद भी पुलिस की कार्रवाई का कोई स्पष्ट नतीजा सामने नहीं आया है।
मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने 8 अगस्त को पुलिस अधीक्षक मुरैना को आवेदन सौंपकर चोरी का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष घटना से जुड़े तथ्यों को रखते हुए चोरी गए छत्रों की बरामदगी की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों को पुलिस अधीक्षक की ओर से 48 घंटे के भीतर घटना का पटाक्षेप करने का आश्वासन दिया गया था।

48 घंटे के आश्वासन के बाद भी खुलासा नहीं
मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस अधीक्षक की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद निर्धारित समय बीतने के बाद भी मामले का खुलासा नहीं हुआ है। चोरी गए चांदी के छत्र भी अभी तक बरामद नहीं किए जा सके हैं।
इसे लेकर समाजजनों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जैन समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
समाज की ओर से पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और चोरी के पीछे शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए।
धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर चिंता
मंदिर में हुई चोरी को लेकर जैन समाज के बीच धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी होती है और वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।
मंदिर कमेटी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। साथ ही चोरी गए चांदी के छत्रों को जल्द से जल्द बरामद किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी
मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि समाज लंबे समय तक मामले के समाधान का इंतजार नहीं करेगा। यदि पुलिस प्रशासन जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार नहीं करता और चांदी के छत्र बरामद नहीं किए जाते हैं, तो सकल दिगम्बर जैन समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की मांग किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल पर हुई चोरी की घटना में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जल्द परिणाम देने की अपेक्षा जताई है।
समाज में बढ़ रहा असंतोष
घटना के बाद से जैन समाज के लोगों की नजर पुलिस जांच पर बनी हुई है। आठ दिन बीत जाने के बाद भी मामले में गिरफ्तारी और बरामदगी नहीं होने के कारण समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
मंदिर कमेटी ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में जल्द कार्रवाई किए जाने से समाज का भरोसा मजबूत होगा। वहीं, यदि कार्रवाई में और देरी होती है तो विरोध तेज होने की संभावना है।
फिलहाल समाज की प्रमुख मांग आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी गए चांदी के तीनों छत्रों की बरामदगी है। मंदिर कमेटी ने पुलिस प्रशासन से मामले का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की है।
प्रमुख बिंदु
- 3 अगस्त की शाम करीब 7:40 बजे चोरी की घटना हुई।
- भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा के ऊपर लगे चांदी के तीन छत्र चोरी हुए।
- तीनों छत्रों का वजन लगभग डेढ़ किलो बताया गया है।
- 4 अगस्त को सिटी कोतवाली मुरैना में एफआईआर दर्ज कराई गई।
- 8 अगस्त को जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को आवेदन दिया।
- पुलिस की ओर से 48 घंटे में खुलासे का आश्वासन दिया गया था।
- आठ दिन बाद भी आरोपी और चोरी गए छत्रों का पता नहीं चला है।
- मंदिर कमेटी ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
