MP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, नदी-नाले उफने; कई रास्ते बंद, स्कूलों में छुट्टी, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। राजधानी भोपाल में 24 घंटे के भीतर करीब 7 इंच बारिश दर्ज होने के बाद कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में पानी भर गया। सड़कें जलमग्न होने के साथ नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है।
भोपाल के अलावा विदिशा, सीहोर, शाजापुर, मंडला और राजगढ़ समेत कई जिलों में बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। कई स्थानों पर आवागमन बाधित हुआ है। कुछ इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि प्रशासन और राहत दलों को भी सक्रिय किया गया है। हालात को देखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
भोपाल में 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश
राजधानी भोपाल में सोमवार से मंगलवार के बीच हुई तेज बारिश ने शहर की तस्वीर बदल दी। करीब 7 इंच बारिश होने के बाद कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर बारिश का पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
भारी बारिश का असर शहर के जलाशयों पर भी पड़ा है। कलियासोत और केरवा डैम में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। वहीं बड़े तालाब के जलस्तर में भी करीब तीन फीट की बढ़ोतरी बताई गई है। लगातार पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन जलाशयों और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में हुई तेज बारिश ने शहर के बारिश के आंकड़ों में भी बड़ा बदलाव किया है।
ब्यावरा में अंडरपास डूबा, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र में तेज बारिश के कारण रेलवे अंडरपास में पानी भर गया। इससे आसपास के करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भी रास्तों की स्थिति खराब हुई है।
प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचने की सलाह दी गई है। नदी-नालों और पुल-पुलियों पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
विदिशा में पानी में फंसे 17 लोगों का रेस्क्यू
विदिशा जिले में भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। बाढ़ के पानी में 17 लोगों के फंसने की सूचना के बाद बचाव दल को मौके पर भेजा गया। रेस्क्यू टीम ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भोपाल और आगर-मालवा में स्कूलों की छुट्टी
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने कुछ जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है। भोपाल और आगर-मालवा में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को जलभराव वाले इलाकों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों के पास न जाने दें। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है।
इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और पांढुर्णा समेत कई जिलों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
बांधों में बढ़ा जलस्तर, गेट खोलकर पानी छोड़ा
भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। जोहिला बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। भोपाल के कलियासोत और केरवा तथा सीहोर के कोलार बांध में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ प्रशासन की ओर से संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। नदी और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
12 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। 10 अगस्त को उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ था। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ था। मानसून की द्रोणिका के इस मौसम तंत्र से होकर गुजरने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई।
अब उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है। देशभर में भी 11 से 16 अगस्त के बीच सक्रिय मानसूनी स्थिति का अनुमान लगाया गया है।
बारिश के बावजूद प्रदेश अभी सामान्य से पीछे
MP में लगातार बारिश होने के बावजूद पूरे मानसूनी सीजन का आंकड़ा अभी सामान्य से कम है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 19 इंच यानी 483 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि में सामान्य तौर पर करीब 22.5 इंच यानी 571.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी।
इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी लगभग 18 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत बताई गई है।
फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणालियों को देखते हुए आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश के बीच जलभराव, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और बंद रास्तों को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे तेज बहाव वाले पानी, नदी-नालों और जलमग्न सड़कों को पार करने की कोशिश न करें।
