भोपाल के हाई-सिक्योरिटी चार इमली में BJP विधायक के बंगले में दिनदहाड़े चोरी, सामने था स्पेशल DG का आवास
ताले तोड़कर सरकारी बंगले में घुसे बदमाश, नल की टोटियां और अन्य सामान ले गए; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे सुरक्षित और वीवीआईपी इलाकों में शामिल चार इमली में दिनदहाड़े चोरी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों ने पूर्व मंत्री और जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अजय विश्नोई के सरकारी आवास को निशाना बनाया। चोरों ने सूने बंगले के ताले तोड़ने के साथ ही कई दरवाजों के कुंडे तक उखाड़ दिए और अंदर से नल की टोटियां सहित अन्य सामान चोरी कर फरार हो गए।
घटना की सबसे गंभीर बात यह है कि विधायक का सरकारी आवास जिस स्थान पर स्थित है, उसके ठीक सामने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी यानी स्पेशल डीजी का बंगला मौजूद है। इसके बावजूद बदमाश दिन के समय बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर निकल गए। घटना सामने आने के बाद चार इमली जैसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में पुलिस की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
रविवार दोपहर सूने बंगले को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक भाजपा विधायक अजय विश्नोई को भोपाल के चार इमली क्षेत्र में सरकारी आवास डी-11/03 आवंटित है। विधायक का भोपाल प्रवास सीमित रहता है और वे सामान्यत: महीने में कुछ ही दिनों के लिए राजधानी में रहते हैं। ऐसे में उनका सरकारी आवास अधिकांश समय सूना रहता है।
रविवार को जब विधायक अपने सरकारी आवास पर पहुंचे तो उन्हें बंगले के दरवाजों के ताले टूटे हुए दिखाई दिए। अंदर जाकर देखने पर चोरी की वारदात का पता चला। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास बंगले में प्रवेश किया और वहां चोरी की।
ताले नहीं खुले तो कुंडे ही उखाड़ दिए
चोरों ने बंगले में प्रवेश करने के लिए पहले दरवाजों के ताले तोड़े। जिन दरवाजों के ताले आसानी से नहीं खुले, वहां बदमाशों ने कुंडे ही उखाड़ दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने बिना किसी विशेष डर के काफी समय तक बंगले में तोड़फोड़ की।
बदमाश घर के अंदर से पानी की नल की टोटियां और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। फिलहाल चोरी गए सामान की पूरी सूची और उसकी कीमत का आकलन पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सामने स्पेशल डीजी का बंगला, फिर भी नहीं लगी भनक
चार इमली क्षेत्र में मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इस इलाके को राजधानी के संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में माना जाता है।
ऐसे इलाके में दिन के समय चोरी होना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। विधायक के बंगले के ठीक सामने स्पेशल डीजी का आवास होने के बावजूद बदमाशों के अंदर घुसने, ताले तोड़ने और सामान लेकर निकल जाने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वारदात के दौरान आसपास तैनात सुरक्षा कर्मचारियों या निगरानी व्यवस्था को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
हबीबगंज थाने में दर्ज हुआ मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक की ओर से विधानसभा को भी सूचना दी गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची। चोरी के संबंध में हबीबगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और वे किस रास्ते से बंगले तक पहुंचे तथा चोरी के बाद किस दिशा में फरार हुए।
चार इमली में पहले भी हो चुकी हैं आपराधिक घटनाएं
चार इमली क्षेत्र में चोरी की यह घटना पहली नहीं है। हाल के दिनों में इसी इलाके में एक अन्य अधिकारी के खाली मकान में भी चोरी की घटना सामने आने की जानकारी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने वीवीआईपी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इससे पहले 23 सितंबर 2025 को भी चार इमली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हुआ था। उस समय आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष अपनी पत्नी के साथ रात में टहलने निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके दो मोबाइल फोन लूट लिए थे।
हालांकि उस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वीवीआईपी क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं का सामने आना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है।
हाई-सिक्योरिटी जोन की निगरानी पर उठे सवाल
चार इमली में वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आवास होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था सामान्य इलाकों की तुलना में अधिक मजबूत मानी जाती है। ऐसे में दिनदहाड़े विधायक के सरकारी आवास में चोरी होना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर मामला है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और यह पता लगाना है कि बदमाशों ने इस सरकारी आवास को ही क्यों चुना। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या आरोपियों को बंगले के लंबे समय तक खाली रहने की जानकारी पहले से थी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, आसपास की गतिविधियों और चोरी के सामान के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद चार इमली क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत भी सामने आई है।
