पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल में 9 अगस्त को श्री कृष्ण मंदिर स्वर्णकार समाज में भव्य आयोजन हुआ। तेज बहादुर शर्मा ने यज्ञ संपन्न कराया, द्वारकाधीश सोनी सहित श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल: स्वर्णकार समाज मंदिर में भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं ने लिया यज्ञ का लाभ
पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल में रविवार को धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। गायत्री प्रज्ञा मंडल उन्हेल के मार्गदर्शन में मां भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर 9 अगस्त 2026, रविवार को प्रातः 8 बजे श्री कृष्ण मंदिर (स्वर्णकार समाज), उन्हेल में भव्य पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में गायत्री परिवार से जुड़े श्रद्धालुओं एवं नगर के गणमान्य लोगों ने सहभागिता की।
पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का हुआ आयोजन
गायत्री प्रज्ञा मंडल उन्हेल के मार्गदर्शन में आयोजित पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां दीं और क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
यज्ञाचार्य तेज बहादुर शर्मा, परिवार्जक पवन बिल्लौरे एवं शंभु लाल प्रजापति नागदा के द्वारा विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
मुख्य यजमान रहे वार्ड पार्षद द्वारकाधीश सोनी
आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में गायत्री परिवार से जुड़े उन्हेल नगर परिषद के वार्ड पार्षद द्वारकाधीश सोनी शामिल हुए। उनके साथ हरीश सोनी, लोकेंद्र विश्वकर्मा, धरम पालीवाल एवं आनंद शुक्ला ने भी यज्ञ में सहभागिता की।
यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर सामाजिक एवं पारिवारिक सुख-शांति की कामना की।
जन्म दिवस भी मनाया गया
पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल के आयोजन के पश्चात अगस्त माह में आने वाले जन्म दिवसों को भी सामूहिक रूप से मनाया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने जन्म दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और आयोजन की धार्मिक भावना को सामाजिक सहभागिता से जोड़ा।
गायत्री परिवार द्वारा इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया जाता है। गायत्री परिवार की गतिविधियों और यज्ञ संबंधी जानकारी के लिए उसके आधिकारिक संसाधनों को भी देखा जा सकता है।
आयोजन में इनका रहा सराहनीय सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश अटोलिया, डॉक्टर अरुण सोनी, बगदी राम नंदेडा, गोकुल पोपंडिया, दिनेश विश्वकर्मा, श्रीमती सुषमा विश्वकर्मा, हेमलता पंवार एवं श्रीमती भारती विश्वकर्मा का विशेष सहयोग रहा।
इसके अलावा योगेश सोनी, सतीश सोनी, भंवर लाल परमार एवं राजेंद्र मोदी ने भी आयोजन में सहयोग प्रदान किया। आयोजकों ने सभी सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
धार्मिक आयोजन से बना भक्तिमय माहौल
श्री कृष्ण मंदिर (स्वर्णकार समाज), उन्हेल में आयोजित पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। यज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ आहुतियां अर्पित कीं।
आयोजन का उद्देश्य धार्मिक चेतना के साथ समाज में सकारात्मक विचारों, संस्कारों और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में गायत्री परिवार से जुड़े सदस्यों के साथ नगर के लोगों की सहभागिता भी देखने को मिली।
मां भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष का विशेष आयोजन
यह आयोजन मां भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया। गायत्री प्रज्ञा मंडल उन्हेल के मार्गदर्शन में हुए इस धार्मिक कार्यक्रम में यज्ञ के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक वातावरण का लाभ लिया।
आयोजकों के अनुसार ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को संस्कार, सेवा और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल इसी भावना के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन | पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ |
| स्थान | श्री कृष्ण मंदिर, स्वर्णकार समाज, उन्हेल |
| दिनांक | 9 अगस्त 2026, रविवार |
| समय | प्रातः 8 बजे |
| आयोजन मार्गदर्शन | गायत्री प्रज्ञा मंडल, उन्हेल |
| यज्ञाचार्य | तेज बहादुर शर्मा |
| परिवार्जक | पवन बिल्लौरे |
| सहयोग | शंभु लाल प्रजापति, नागदा |
| मुख्य यजमान | द्वारकाधीश सोनी |
| रिपोर्टर | जीवनलाल जैन, नागदा |
निष्कर्ष
उन्हेल के श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ उन्हेल धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण आयोजन रहा। कार्यक्रम में गायत्री परिवार से जुड़े सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों ने सहभागिता कर यज्ञ में आहुतियां दीं। आयोजन के बाद अगस्त माह में आने वाले जन्म दिवस भी मनाए गए।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
