दिन में जगमग, रात में अंधेरा: मऊ सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर उठे सवाल
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पद
दिन में अनावश्यक रूप से जलती मिलीं लाइटें, रात में कई बार बंद रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी
पड़ाना। आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर स्थित मऊ गांव की सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रखरखाव को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। लोगों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के उद्देश्य से बनाई गई सर्विस रोड पर शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें दिन के उजाले में जलती मिलीं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय कई बार यही मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है।
दिन के समय स्ट्रीट लाइटों के जलने से जहां बिजली की अनावश्यक खपत हो रही है, वहीं रात में इनके बंद रहने से सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दिन में कई स्थानों पर जलती मिलीं लाइटें
मौके पर की गई पड़ताल के दौरान मऊ गांव की सर्विस रोड पर अनेक स्ट्रीट लाइटें दिन में भी चालू मिलीं। पचोर मार्ग की ओर जाने वाली सर्विस रोड से लेकर मऊ बस स्टैंड और सारंगपुर की दिशा में हाईवे से जुड़ने वाले सर्विस मार्ग तक कई स्थानों पर लाइटें दिन के समय जलती दिखाई दीं।
सुबह करीब 9:30 बजे जब प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त थी, उस समय भी स्ट्रीट लाइटों का लगातार चालू रहना संबंधित व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। यदि लाइटों को निर्धारित समय के अनुसार स्वचालित या नियमित रूप से संचालित किया जाए तो बिजली की बचत के साथ व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
रात में कई बार छा जाता है अंधेरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या केवल दिन में लाइटों के जलने तक सीमित नहीं है। रात के समय कई बार सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइटें बंद रहने के कारण मार्ग पर अंधेरा छा जाता है।
स्थानीय निवासी हंसराज राजपूत ने बताया कि रात में स्ट्रीट लाइट बंद होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को सड़क पर आवागमन करने में परेशानी होती है। अंधेरे में सड़क की स्थिति और सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा लगाने में भी कठिनाई होती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
वर्तमान में बारिश का मौसम होने के कारण समस्या और गंभीर हो जाती है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने, फिसलन और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को पहले से ही सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में यदि सर्विस रोड पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं हो तो दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय सर्विस रोड पर पर्याप्त रोशनी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का आवागमन
मऊ गांव की यह सर्विस रोड हाईवे से जुड़ी होने के कारण काफी महत्वपूर्ण है। पचोर मार्ग, मऊ बस स्टैंड और सारंगपुर की दिशा में आने-जाने वाले वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग करते हैं।
व्यस्त मार्ग होने के कारण यहां प्रकाश व्यवस्था का नियमित संचालन आवश्यक है। दिन में लाइटों का अनावश्यक रूप से जलना और रात में कई बार बंद रहना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
रखरखाव की जिम्मेदारी पर भी सवाल
जानकारी के अनुसार सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइटों के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी ओरिएंटल कंपनी के ठेकेदार के पास है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने संबंधित एजेंसी से व्यवस्था की नियमित निगरानी करने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों के संचालन के लिए निर्धारित समय तय होना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शाम होते ही सभी आवश्यक लाइटें चालू हों तथा दिन निकलने के बाद उन्हें बंद कर दिया जाए।
बिजली की बचत के साथ सुरक्षा भी जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय स्ट्रीट लाइटों को चालू रखने से बिजली की अनावश्यक खपत होती है। वहीं रात में लाइटें बंद रहने से सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है। इसलिए व्यवस्था में ऐसी तकनीक या नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जिससे लाइटें आवश्यकता के अनुसार संचालित हों।
नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित एजेंसी द्वारा सर्विस रोड की सभी स्ट्रीट लाइटों की जांच कर खराब लाइटों को ठीक कराया जाए और संचालन व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
नागरिकों ने की नियमित निगरानी की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित ठेकेदार से मांग की है कि स्ट्रीट लाइटों को निर्धारित समय पर चालू और बंद करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही नियमित रूप से यह जांच भी की जाए कि रात के समय सभी आवश्यक लाइटें चालू हैं या नहीं।
लोगों का कहना है कि उचित प्रकाश व्यवस्था केवल बिजली बचाने का विषय नहीं है, बल्कि यह राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है। मऊ सर्विस रोड पर दिन और रात की इस विरोधाभासी स्थिति का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
