ग्राम पढ़ाना में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हुआ भव्य पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और मातृ-शक्ति सम्मान का दिया संदेश
ग्रामीणों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और शासकीय कर्मचारियों ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्प
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पद
सारंगपुर (राजगढ़)। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और मातृ-शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से देशभर में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ग्राम पढ़ाना में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, शासकीय कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गांव के विभिन्न सार्वजनिक परिसरों में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, मातृ-शक्ति के सम्मान का संदेश देना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण तैयार करना भी था। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता ने इस अभियान को जन-भागीदारी का प्रभावी उदाहरण बना दिया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान बना जन-आंदोलन
देशभर में चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों को एक साथ जोड़ने का अनूठा प्रयास माना जा रहा है।
ग्राम पढ़ाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार मां जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन का आधार हैं। वृक्ष हमें शुद्ध वायु, छाया, फल, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए अपनी मां के सम्मान में लगाया गया एक पौधा प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
सार्वजनिक परिसरों में लगाए गए फलदार और छायादार पौधे
पौधारोपण अभियान के तहत गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों को हरित बनाने का विशेष प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित परिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में फलदार और छायादार पौधे लगाए गए।
विशेषज्ञों ने बताया कि इन पौधों के विकसित होने के बाद न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि गांव की सुंदरता बढ़ेगी और लोगों को स्वच्छ वातावरण भी उपलब्ध होगा।
पौधे लगाने के साथ उनकी सुरक्षा का भी लिया संकल्प
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि उपस्थित सभी लोगों ने केवल पौधे लगाने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि प्रत्येक पौधे की समय-समय पर सिंचाई की जाएगी तथा उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाए जाएंगे। साथ ही पौधों की निगरानी भी की जाएगी ताकि वे सुरक्षित रूप से विकसित होकर बड़े वृक्ष बन सकें।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे जीवित रहकर वृक्ष बनें। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने लगाए गए पौधे की जिम्मेदारी स्वयं उठानी चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, तापमान में वृद्धि और घटते वन क्षेत्र के कारण पर्यावरणीय संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो देशभर में करोड़ों नए वृक्ष तैयार किए जा सकते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
लोकेंद्र गुर्जर ने दिया मातृ-शक्ति और प्रकृति संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा जिला सोशल मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र गुर्जर ने अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि मां और प्रकृति दोनों ही जीवन का आधार हैं।
उन्होंने कहा,
“मां हमें जन्म देती है और प्रकृति हमें जीवन देती है। अपनी मां के सम्मान में लगाया गया एक पौधा न केवल मातृ-ऋण चुकाने का छोटा-सा प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और हरित भविष्य का उपहार भी है।”
उन्होंने सभी ग्रामीणों और युवाओं से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ें और प्रत्येक परिवार अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी
पौधारोपण कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने मिलकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को वृक्षों के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य की पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना अत्यंत आवश्यक है। यदि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति प्रेम की भावना विकसित की जाए तो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण का कार्य और अधिक प्रभावी होगा।
ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्यक्रम का सफल आयोजन ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के नेतृत्व में किया गया।
समिति के अध्यक्ष दीपक कलमोदिया एवं सचिव विशाल बरैठा ने बताया कि समिति भविष्य में भी ऐसे पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि गांव को हरित और स्वच्छ बनाने के लिए केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी लगातार कार्य किया जाएगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष दीपक कलमोदिया, सचिव विशाल बरैठा, भाजपा जिला सोशल मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र गुर्जर, संजय भिलाला, सुभाष चंद्रवंशी, लखन खाती, विशाल खाती सहित समिति के सदस्य, विभिन्न शासकीय विभागों के कर्मचारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
हरियाली से ही सुरक्षित होगा भविष्य
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता, मिट्टी संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि आज जिस तेजी से जंगलों की कटाई और प्रदूषण बढ़ रहा है, उसे देखते हुए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का एक व्यापक जन-अभियान बन चुका है। ग्राम पढ़ाना में आयोजित यह कार्यक्रम इसी सोच का सशक्त उदाहरण बना, जहां पर्यावरण संरक्षण और मातृ-शक्ति के सम्मान को एक साथ जोड़ते हुए समाज को सकारात्मक संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं पौधे लगाएंगे, बल्कि दूसरों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
