—Advertisement—

तूफान में ढहा यात्री प्रतीक्षालय, धूप-बारिश में परेशान हो रहे यात्री, ग्रामीणों ने की तत्काल पुनर्निर्माण की मांग

Author Picture
Published On: 6 August 2026
Storm-damaged passenger waiting shelter at Gulawata Tiraha, with villagers, women, and school students waiting for buses under the open sky in sun and rain.
— Storm-damaged passenger waiting shelter at Gulawata Tiraha, with villagers, women, and school students waiting for buses under the open sky in sun and rain.

—Advertisement—

तूफान में ढहा यात्री प्रतीक्षालय, धूप-बारिश में परेशान हो रहे यात्री, ग्रामीणों ने की तत्काल पुनर्निर्माण की मांग

संवाददाता: मनोज कुमार पुष्पद

पड़ाना/सारंगपुर। सारंगपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मऊ के गुलावता तिराहे पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया शासकीय टिनसेट यात्री प्रतीक्षालय पिछले माह आए तेज आंधी-तूफान में पूरी तरह धराशायी हो गया। घटना को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक न तो क्षतिग्रस्त प्रतीक्षालय का पुनर्निर्माण किया गया है और न ही उसे दोबारा स्थापित करने की कोई पहल दिखाई दे रही है। इसके चलते प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और मजदूरों को खुले आसमान के नीचे बसों और अन्य वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में भीगने और गर्मी के दिनों में तेज धूप झेलने की मजबूरी अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

एक महीने बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

गुलावता तिराहे पर स्थित यह यात्री प्रतीक्षालय पिछले महीने आए तेज आंधी-तूफान में क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि कुछ ही दिनों में प्रशासन इसकी मरम्मत या पुनः स्थापना करा देगा, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। टूटा हुआ ढांचा लंबे समय तक वहीं पड़ा रहा और यात्रियों को किसी वैकल्पिक व्यवस्था का भी लाभ नहीं मिल पाया।

विधायक निधि से हुआ था निर्माण

ग्रामीणों के अनुसार गुलावता जोड़ पर स्थित यह टिनसेट यात्री प्रतीक्षालय तत्कालीन विधायक कुंवर कोठार के कार्यकाल में विधायक निधि से बनवाया गया था। उस समय इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को धूप, बारिश और सर्दी से राहत प्रदान करना था।

समय के साथ इस मार्ग पर यातायात बढ़ने लगा। क्षेत्र के कई गांवों के लोग इसी स्थान से बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करने लगे। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बाद में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी यहां एक अतिरिक्त यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया, जिससे लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।

लेकिन वर्तमान में विधायक निधि से बना शेड गिर जाने के कारण पूरा भार केवल पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए गए एकमात्र प्रतीक्षालय पर आ गया है।

एक प्रतीक्षालय में नहीं समा पा रहे यात्री

सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर सबसे अधिक भीड़ रहती है। गुलावता, तुकोगंज, धामंदा, खुजनेर, भेसवा माताजी सहित आसपास के कई गांवों से लोग रोजाना शिक्षा, रोजगार, व्यापार, कृषि कार्य और चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं के लिए यात्रा करते हैं।

एकमात्र बचे हुए प्रतीक्षालय में सीमित संख्या में ही लोग खड़े या बैठ सकते हैं। ऐसे में दर्जनों यात्रियों को मजबूरन खुले में खड़ा रहना पड़ता है। बरसात के दिनों में लोग भीगते हुए बसों का इंतजार करते हैं, जबकि गर्मियों में तेज धूप उनकी परेशानी को और बढ़ा देती है।

महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे अधिक कठिनाई महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को हो रही है।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज जाने के लिए इसी बस स्टॉप का उपयोग करते हैं। वहीं कई महिलाएं घरेलू कार्य, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरतों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहती हैं।

बुजुर्ग यात्रियों के लिए लंबे समय तक धूप या बारिश में खड़े रहना स्वास्थ्य के लिए भी जोखिमपूर्ण है। यदि समय रहते प्रतीक्षालय का पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो आने वाले समय में परेशानी और बढ़ सकती है।

धार्मिक और कृषि गतिविधियों का प्रमुख मार्ग

ग्रामीणों के अनुसार यह क्षेत्र धार्मिक और कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आसपास के गांवों के किसान प्रतिदिन कृषि उपज मंडियों तक पहुंचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

इसके अलावा धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की भी इस मार्ग पर लगातार आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित प्रतीक्षालय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं, तब बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

ग्रामीणों ने लगाया विभागीय उदासीनता का आरोप

गांव के लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों ने गिरे हुए यात्री प्रतीक्षालय की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। न तो क्षतिग्रस्त ढांचे को हटाने की गंभीर पहल की गई और न ही नए टिनसेट लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी सार्वजनिक सुविधा का उपयोग बड़ी संख्या में लोग कर रहे हैं, तो उसकी नियमित देखरेख और समय पर मरम्मत करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। लेकिन इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता साफ दिखाई दे रही है।

पड़ाना के गांधी चौक का प्रतीक्षालय भी जर्जर

यह समस्या केवल ग्राम पंचायत मऊ तक सीमित नहीं है।

ग्राम पंचायत पड़ाना के गांधी चौक स्थित टेंपो स्टैंड पर भी वर्षों पहले तत्कालीन विधायक निधि से एक टिनसेट यात्री प्रतीक्षालय बनाया गया था। वर्तमान में वह भी पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह प्रतीक्षालय अब उपयोग के लायक नहीं बचा है। उसका ढांचा बायपास किनारे खंडहर की तरह पड़ा हुआ है। लंबे समय से उसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो यह कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

बारिश के मौसम में बढ़ी परेशानी

श्रावण मास और मानसून के दौरान क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। ऐसे समय में बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जब बारिश शुरू होती है तो सीमित क्षमता वाले एकमात्र प्रतीक्षालय में सभी लोग नहीं समा पाते। मजबूरी में कई लोग पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं।

बारिश के कारण स्कूली बच्चों की किताबें और सामान भी भीग जाता है, जबकि महिलाएं और बुजुर्ग भी असुविधा झेलने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और नियमित यात्रियों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से मांग की है कि गुलावता तिराहे पर गिरे हुए टिनसेट यात्री प्रतीक्षालय को प्राथमिकता के आधार पर दोबारा स्थापित किया जाए।

साथ ही गांधी चौक, पड़ाना स्थित जर्जर प्रतीक्षालय का भी जीर्णोद्धार कर उसे उपयोगी स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की बात करती है, लेकिन यदि पहले से निर्मित सार्वजनिक सुविधाओं का रखरखाव नहीं होगा तो विकास के दावे अधूरे ही रह जाएंगे।

जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की अपेक्षा

क्षेत्रवासियों का मानना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई करवानी चाहिए। यात्री प्रतीक्षालय जैसी छोटी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण सुविधा आम लोगों के दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करती है।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही मौके का निरीक्षण कर आवश्यक बजट स्वीकृत करेगा और दोनों स्थानों पर यात्री प्रतीक्षालयों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।

अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार

गुलावता तिराहे और पड़ाना गांधी चौक के यात्री प्रतीक्षालयों की स्थिति यह दर्शाती है कि सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इन स्थानों से यात्रा करते हैं, लेकिन उन्हें आज भी धूप, बारिश और सर्दी जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। यदि शीघ्र कार्रवाई होती है तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, अन्यथा आने वाले मौसमों में भी उन्हें इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक टिनसेट का मामला नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp