भेरूंदा में भक्तिरस में डूबा पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव, ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा पूरा नगर
संवाददाता: विकास सैनी
स्थान: भेरूंदा (नसरुल्लागंज), सीहोर
भेरूंदा की पावन धरती पर आयोजित पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव का समापन मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। अग्रवाल समाज की मातृशक्ति एवं अग्रवाल समाज के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रतिदिन उपस्थित होकर भगवान शिव की महिमा का श्रवण किया और धर्म लाभ अर्जित किया।
प्रख्यात कथा वाचक सीहोर वाले परम पूज्य पंडित राघव जी मिश्रा के श्रीमुख से प्रवाहित संगीतमय शिव महापुराण कथा ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया। कथा स्थल पर लगातार गूंजते “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं”, “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
पांच दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में केवल भेरूंदा ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करने का संदेश दिया।
भगवान शिव की महिमा से गुंजायमान रहा कथा स्थल
शिव महापुराण हिंदू धर्म के प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान शिव के स्वरूप, उनकी लीलाओं, भक्ति, वैराग्य और जीवन दर्शन का विस्तृत वर्णन मिलता है।
पंडित राघव जी मिश्रा ने कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा, शिव परिवार का महत्व, भक्ति की शक्ति, मानव जीवन के संस्कार और सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों पर अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली शैली में प्रकाश डाला।
उनके मधुर भजनों, संगीतमय प्रस्तुतियों और आध्यात्मिक व्याख्यानों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रतिदिन उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़
पांच दिवसीय कथा के दौरान प्रतिदिन सुबह से लेकर रात्रि तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कथा स्थल पर पहुंची।
महिलाएं, पुरुष, युवा, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण करते रहे।
कई श्रद्धालुओं ने पूरे पांच दिन नियमित रूप से उपस्थित होकर कथा का लाभ लिया।
आयोजन स्थल पर अनुशासन, शांति और आध्यात्मिक वातावरण देखने योग्य था।
अग्रवाल समाज की मातृशक्ति बनी आयोजन की सबसे बड़ी ताकत
इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे अग्रवाल समाज की मातृशक्ति का योगदान सबसे अधिक सराहनीय रहा।
कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्थाओं में महिलाओं ने सेवा, समर्पण और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
पूरे आयोजन के दौरान भोजन व्यवस्था, अतिथि सत्कार, श्रद्धालुओं की सुविधा, पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं को मातृशक्ति ने पूरी निष्ठा के साथ संभाला।
इन महिलाओं ने निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
आयोजन को सफल बनाने में अग्रवाल समाज की अनेक महिलाओं ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
इनमें प्रमुख रूप से—
- श्रीमती सरोज संतोष अग्रवाल
- श्रीमती छाया दामोदर अग्रवाल
- श्रीमती रीना मुकुल अग्रवाल
- श्रीमती नीलम नर्मदा प्रसाद अग्रवाल
- श्रीमती दीपाली योगेश अग्रवाल
- श्रीमती अरुणा मुकेश अग्रवाल
- श्रीमती संगीता मुरारी अग्रवाल
- श्रीमती अमिता किशोर अग्रवाल
- श्रीमती नीता मुकेश अग्रवाल
- श्रीमती संगीता विजय अग्रवाल
ने सेवा, श्रद्धा और संगठन क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया।
समाज के वरिष्ठजनों ने मातृशक्ति के समर्पण को आयोजन की सबसे बड़ी सफलता बताया।
सनातन संस्कृति और धार्मिक संस्कारों का मिला संदेश
कथा के दौरान पंडित राघव जी मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला महान आध्यात्मिक ग्रंथ है।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव त्याग, करुणा, समानता, क्षमा और मानव कल्याण के प्रतीक हैं।
कथा के माध्यम से समाज में सनातन संस्कृति, पारिवारिक संस्कार, सेवा भावना और धार्मिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
मुख्य यजमानों ने विधि-विधान से संपन्न कराई पूजा
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ किया गया।
मुख्य यजमान के रूप में—
- अग्रवाल समाज सेवा समिति के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी अरुणा अग्रवाल
- संतोष अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी सरोज अग्रवाल
- अमन अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी सुरभि अग्रवाल
ने पूर्ण श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना एवं यज्ञ संबंधी सभी अनुष्ठानों में भाग लिया।
युवा मंडल ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान
कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद व्यवस्थाएं पूरी तरह व्यवस्थित रहीं।
इसका बड़ा श्रेय अग्रवाल नवयुवक मंडल को जाता है।
अग्रवाल समाज के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल तथा अग्रवाल नवयुवक मंडल के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल के नेतृत्व में युवाओं की पूरी टीम लगातार व्यवस्थाओं में जुटी रही।
युवाओं ने—
- पार्किंग व्यवस्था
- श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन
- मंच व्यवस्था
- प्रसाद वितरण
- भीड़ प्रबंधन
- अतिथि स्वागत
जैसी जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाईं।
मिलन गार्डन परिवार का मिला विशेष सहयोग
आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मिलन गार्डन परिवार का विशेष सहयोग रहा।
बैठक व्यवस्था, मंच सज्जा, विद्युत व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराया गया।
समिति ने उनके सहयोग के लिए सार्वजनिक रूप से आभार भी व्यक्त किया।
पुलिस प्रशासन ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती।
पुलिस बल ने—
- भीड़ नियंत्रण
- यातायात व्यवस्था
- सुरक्षा प्रबंधन
- कानून-व्यवस्था
को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न होने पर आयोजकों ने पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद व्यक्त किया।
जनप्रतिनिधियों ने भी लिया धर्म लाभ
पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।
उन्होंने कथा स्थल पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की।
रवि मालवीय ने की आयोजन की प्रशंसा
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष रवि मालवीय भी पहुंचे।
उन्होंने कथा में दूसरी बार शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए विशेष रूप से मातृशक्ति द्वारा किए गए अनुशासित और समर्पित कार्यों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और भारतीय संस्कृति को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
विधायक सहित भाजपा नेताओं ने भी की सहभागिता
कार्यक्रम में क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक रामकांत जी सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पहुंचे।
उन्होंने कथा का श्रवण किया और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
सभी अतिथियों ने धार्मिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जागरूकता का माध्यम बताया।
समाज को मिला एकता और सेवा का संदेश
शिव महापुराण कथा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे समाज के लिए सामाजिक समरसता और सेवा भावना का संदेश भी लेकर आई।
आयोजन के दौरान सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर कार्य किया।
युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों के समन्वय ने यह साबित किया कि सामूहिक प्रयास से बड़े से बड़ा धार्मिक आयोजन सफल बनाया जा सकता है।
समापन पर भावुक हुए श्रद्धालु
पांच दिनों तक चली कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की आंखों में भावुकता भी देखने को मिली।
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि कथा ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
समापन के समय पूरे कथा स्थल पर एक साथ गूंजते “हर-हर महादेव”, “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” और “बोल बम” के जयघोष ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
निष्कर्ष
भेरूंदा में आयोजित पांच दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव धार्मिक आस्था, सामाजिक सहयोग और सनातन संस्कृति का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। अग्रवाल समाज की मातृशक्ति, युवा मंडल, आयोजन समिति, प्रशासन और समाज के सामूहिक सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कथा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में सेवा, संस्कार, एकता और धार्मिक चेतना का संदेश भी दिया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
