केसली में दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी पहल, ADIP योजना के तहत 95 हितग्राहियों का परीक्षण, जल्द मिलेंगे निशुल्क सहायक उपकरण
संवाददाता: सोनू कुशवाहा
केसली (सागर)। मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली जनपद पंचायत में भारत सरकार की एडीआईपी (ADIP – Assistance to Disabled Persons for Purchase/Fitting of Aids and Appliances) योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए निशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और बुजुर्ग पहुंचे, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं तकनीकी टीम द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक सहायक उपकरणों के लिए पात्रता का आकलन किया गया।
शिविर में कुल 95 हितग्राहियों का परीक्षण किया गया, जिनमें 61 दिव्यांगजन और 34 वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे। परीक्षण के बाद पात्र हितग्राहियों का चयन व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए किया गया। अधिकारियों ने बताया कि चयनित लाभार्थियों को आगामी वितरण शिविर में सभी स्वीकृत उपकरण निशुल्क प्रदान किए जाएंगे।
ADIP योजना के तहत आयोजित हुआ विशेष शिविर
भारत सरकार द्वारा संचालित ADIP योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अधिक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
इसी योजना के तहत जनपद पंचायत केसली परिसर में विशेष परीक्षण एवं पंजीयन शिविर आयोजित किया गया।
शिविर का संचालन एलिमको (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India), जबलपुर की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक
शिविर में केसली क्षेत्र के विभिन्न गांवों से दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे।
अधिकारियों के अनुसार कुल—
- 61 दिव्यांगजन
- 34 वरिष्ठ नागरिक
सहित 95 हितग्राहियों का परीक्षण किया गया।
हितग्राहियों का पंजीयन करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनकी शारीरिक स्थिति और आवश्यकताओं का विस्तृत परीक्षण किया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
एलिमको, जबलपुर से पहुंचे डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रत्येक हितग्राही का व्यक्तिगत परीक्षण किया।
जांच के दौरान यह देखा गया कि किस व्यक्ति को किस प्रकार के सहायक उपकरण की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों ने लाभार्थियों की शारीरिक स्थिति, चलने-फिरने की क्षमता, सुनने की समस्या तथा अन्य चिकित्सीय आवश्यकताओं का मूल्यांकन किया।
इन सहायक उपकरणों के लिए किया गया चयन
परीक्षण के बाद पात्र हितग्राहियों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चयनित किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से—
- व्हीलचेयर
- ट्राइसाइकिल
- बैसाखी
- श्रवण यंत्र (Hearing Aid)
- कृत्रिम अंग
- अन्य आवश्यक सहायक उपकरण
शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सभी उपकरण पात्रता के आधार पर प्रदान किए जाएंगे।
चयनित हितग्राहियों को दी गई पावती
परीक्षण पूर्ण होने के बाद पात्र लाभार्थियों को पावती (Acknowledgement Receipt) प्रदान की गई।
यह पावती आगामी वितरण शिविर में उपकरण प्राप्त करने के लिए आवश्यक होगी।
अधिकारियों ने हितग्राहियों से कहा कि निर्धारित तिथि पर आयोजित होने वाले वितरण कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपने उपकरण प्राप्त करें।
आगामी शिविर में होंगे उपकरण वितरित
शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के बाद अब उपकरण तैयार करने और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके बाद अलग से वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें चयनित हितग्राहियों को सभी स्वीकृत सहायक उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
दिव्यांगजनों को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
विशेषज्ञों का कहना है कि सहायक उपकरण केवल सुविधा प्रदान नहीं करते, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण लोगों को दैनिक जीवन के कार्य अधिक आसानी से करने में सहायता करते हैं।
इसी प्रकार श्रवण यंत्र सुनने में कठिनाई वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों को भी मिलेगा लाभ
इस शिविर की विशेष बात यह रही कि इसमें केवल दिव्यांगजन ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया गया।
उम्र बढ़ने के साथ चलने-फिरने या सुनने में होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पात्र बुजुर्गों को भी आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इससे वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सहज बनाने में सहायता मिलेगी।
क्या है ADIP योजना?
ADIP (Assistance to Disabled Persons for Purchase/Fitting of Aids and Appliances) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सहायक उपकरण निशुल्क या अनुदान के माध्यम से उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत विभिन्न प्रकार के उपकरण दिए जाते हैं, जिनमें—
- कृत्रिम अंग
- व्हीलचेयर
- ट्राइसाइकिल
- श्रवण यंत्र
- बैसाखी
- दृष्टिबाधितों के लिए उपकरण
आदि शामिल हैं।
एलिमको की महत्वपूर्ण भूमिका
इस शिविर का संचालन एलिमको (ALIMCO) की विशेषज्ञ टीम ने किया।
एलिमको भारत सरकार का उपक्रम है, जो दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों का निर्माण और वितरण करता है।
विशेषज्ञों ने प्रत्येक हितग्राही की आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरणों का चयन किया।
अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
शिविर में जनपद पंचायत केसली के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से—
- सामाजिक सुरक्षा अधिकारी विकास अहिरवार
- योगेंद्र तिवारी
- एलिमको, जबलपुर की विशेषज्ञ टीम
- जनपद पंचायत के सभी सचिव
- ग्राम रोजगार सहायक (GRS)
- अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी
ने शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिला लाभ
शिविर का लाभ विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आए दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को मिला।
कई लाभार्थियों ने कहा कि यदि इस प्रकार के शिविर स्थानीय स्तर पर आयोजित किए जाते हैं तो उन्हें जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ता।
इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होती है।
सरकार की पहल को सराहा
हितग्राहियों और उनके परिजनों ने भारत सरकार और प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक सहायक उपकरण पहुंचाने की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
निष्कर्ष
सागर जिले के केसली में आयोजित ADIP योजना के अंतर्गत निशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं पंजीयन शिविर दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। शिविर में 95 हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरणों के लिए चयन किया गया। आगामी वितरण शिविर में चयनित लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग और अन्य आवश्यक उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से न केवल दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के दैनिक जीवन को आसान बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें अधिक आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त होगा।
