लतार ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना पर विवाद, अविवाहित व्यक्ति को लाभ मिलने का आरोप
संवाददाता : अभिषेक द्विवेदी,
ग्रामीणों ने उठाए पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
अनूपपुर। जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत लतार में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर हितग्राहियों के चयन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के वास्तविक उद्देश्य से हटकर कुछ लोगों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद परिवार अब भी आवास के लिए परेशान हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब और आवासविहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। लेकिन लतार ग्राम पंचायत में योजना के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्रता सूची तैयार करने और लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
गरीब परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। कई परिवार वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घरों में पानी टपकने और अन्य समस्याओं के कारण गरीब परिवारों का जीवन कठिन हो जाता है। इसके बावजूद जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
अविवाहित व्यक्ति को आवास मिलने का आरोप
ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप है कि पंचायत में एक अविवाहित व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नियमों और पात्रता मानकों की सही तरीके से जांच किए बिना लाभ दिया गया, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित हितग्राही की पात्रता की जांच कराई जाए। यदि जांच में वह अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम लाभार्थी सूची से हटाकर किसी वास्तविक जरूरतमंद परिवार को योजना का लाभ दिया जाए।
पारदर्शी जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत लतार में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों और हितग्राहियों की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचा है या नहीं।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाई जाती हैं। यदि पात्र लोगों को छोड़कर अपात्र लोगों को लाभ दिया जाता है तो यह योजना के उद्देश्य के खिलाफ है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत स्तर पर लाभार्थियों की सूची की समीक्षा की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू नहीं की गई और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को उनका अधिकार मिल सके।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अनियमितता गरीब परिवारों के हितों को प्रभावित करती है। ऐसे में ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराएगा और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ग्राम पंचायत लतार में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर उठे सवालों के बाद पूरे मामले पर ग्रामीणों और प्रशासन दोनों की नजर बनी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और योजना का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचा है या नहीं।
