कोतमा में बिजली संकट को लेकर शिवसेना ने खोला मोर्चा, नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने सौंपा ज्ञापन
संवाददाता : अभिषेक द्विवेदी,
कई महीनों से जारी अघोषित बिजली कटौती से परेशान जनता, नियमित आपूर्ति की उठी मांग
अनूपपुर/कोतमा। Kotma क्षेत्र में पिछले कई महीनों से चली आ रही अनियमित और अघोषित बिजली कटौती को लेकर आम नागरिकों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिजली व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की मांग को लेकर शिवसेना उद्धव बाळासाहेब ठाकरे ने अब मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में शिवसेना कोतमा नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने बिजली विभाग के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में सुचारू और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह ज्ञापन शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के निर्देश पर सौंपा गया। इस दौरान शिवसेना पदाधिकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि लंबे समय से बिजली कटौती के कारण आम जनता परेशान है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी हो गया है।
दिन-रात हो रही बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित
ज्ञापन में बताया गया कि कोतमा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति काफी खराब बनी हुई है। दिन के समय कई-कई घंटे तक बिजली बंद रहती है, वहीं रात के समय भी बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती की जा रही है। अचानक बिजली चले जाने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कटौती का सबसे अधिक असर घरेलू जीवन पर पड़ रहा है। घरों में आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और गर्मी के मौसम में लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं रहने से पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक उपकरण बंद हो जाते हैं, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को विशेष परेशानी होती है।
विद्यार्थियों और व्यापारियों को हो रही परेशानी
शिवसेना ने ज्ञापन में बताया कि बिजली कटौती का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शाम और रात के समय बिजली नहीं रहने से पढ़ाई प्रभावित होती है।
वहीं छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली पर निर्भर छोटे व्यवसाय जैसे दुकानें, वर्कशॉप और अन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हो रहे हैं। बार-बार बिजली बंद होने से कामकाज में बाधा आती है और व्यापारियों की आय पर असर पड़ता है।

लो-वोल्टेज की समस्या से भी जूझ रहे उपभोक्ता
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बिजली कटौती के साथ-साथ क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। कम वोल्टेज के कारण बिजली उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर पाते और कई बार खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली व्यवस्था केवल सुविधा का विषय नहीं बल्कि आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है। इसलिए विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करना चाहिए।
पहले भी दिए गए ज्ञापन, लेकिन नहीं हुआ सुधार
शिवसेना नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने बताया कि बिजली समस्या को लेकर कुछ महीने पहले भी संबंधित विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय अधिकारियों ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।
उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायतों के बाद भी बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता लंबे समय से परेशान है और अब विभाग को तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
शिवसेना ने रखीं प्रमुख मांगें
शिवसेना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती को बंद करने, नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली विभाग को उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनना चाहिए और समय रहते समाधान करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।

समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
बरकत कुरैशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो शिवसेना कोतमा नगर इकाई जनता के हित में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बिजली कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि शिवसेना हमेशा आम जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष करती रही है और आगे भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
जनता को राहत की उम्मीद
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि बिजली विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा। नागरिकों का कहना है कि नियमित बिजली आपूर्ति होने से घरेलू कार्य, बच्चों की पढ़ाई और व्यापारिक गतिविधियां बेहतर तरीके से संचालित हो सकेंगी।
शिवसेना ने प्रशासन से मांग की है कि कोतमा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और उन्हें बार-बार बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
