आपदा से बचाव का दिया संदेश: पीएम श्री स्कूल भीनमाल में NDRF ने सिखाए जीवनरक्षक गुर
NDRF और उपखंड प्रशासन के समन्वय से आयोजित ‘स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम’ में 1,125 विद्यार्थियों और 44 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
भीनमाल (मुकेश सोलंकी)। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 6वीं बटालियन द्वारा आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एक विशेष पहल की गई है। 6वीं बटालियन NDRF के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन एवं उपखंड अधिकारी मोहित कासनियां के समन्वय में ‘टीम 6एन, ई/06 बटालियन’ द्वारा स्थानीय पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ‘स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम’ (SSP) का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा किसी भी प्रकार की अनहोनी या आपात स्थिति में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने हेतु उन्हें प्रशिक्षित करना था।
व्यावहारिक प्रदर्शन से सिखाईं जीवनरक्षक तकनीकें
कार्यक्रम के दौरान NDRF की विशेषज्ञ टीम ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) के माध्यम से कई महत्वपूर्ण तकनीकों की जानकारी दी।
प्राथमिक चिकित्सा (First Aid): अत्यधिक रक्तस्राव नियंत्रण, सिर की चोट का प्राथमिक उपचार, आंख और शरीर में धंसी वस्तु का सुरक्षित प्रबंधन ।
अस्थि एवं जोड़ प्रबंधनः कंधे के अव्यवस्था (डिसलोकेशन) का स्थिरीकरण और पेल्विक स्प्लिंटिंग।
सीपीआर और रेस्क्यूः वयस्क एवं शिशु सीपीआर (CPR), एफबीएओ (FBAO), तथा घायल व्यक्तियों को बिना किसी अतिरिक्त नुकसान के सुरक्षित स्थान पर ले जाने की विभिन्न तरीके।
देशी/आपातकालीन तकनीकें: दैनिक उपयोग की वस्तुओं से इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर और पानी में तैरने में मददगार ‘इम्प्रोवाइज्ड फ्लोटेशन डिवाइस’ बनाना सिखाया गया।

फायर सेफ्टी और मॉक ड्रिल का लाइव प्रदर्शन
कार्यक्रम में अग्नि सुरक्षा पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। NDRF की टीम ने आग के विभिन्न वर्गों (Class of Fire) और अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के तरीके समझाए। इसके बाद एक लाइव फायर ड्रिल का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें आग पर काबू पाने का व्यावहारिक तरीका दिखाया गया।
1,125 विद्यार्थियों और 44 शिक्षकों ने सीखा आपदा प्रबंधन
इस वृहद सुरक्षा कार्यक्रम में विद्यालय के 1,125 विद्यार्थियों और 44 शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों को बारीकी से समझा।
“घबराएं नहीं, वैज्ञानिक तरीके से करें मुकाबला” – NDRF
एनडीआरएफ की टीम ने विद्यालय समुदाय से अपील की कि किसी भी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा के समय घबराने के बजाय प्रशिक्षित, अनुशासित और वैज्ञानिक तरीके से प्रतिक्रिया दें। साथ ही, सीखे गए सुरक्षा उपायों की जानकारी अपने परिवार और समाज तक भी पहुंचाएं। NDRF का यह अभियान विद्यालयों में ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण’ की संस्कृति को मजबूत करने तथा एक सुरक्षित और आपदा-सक्षम भारत के निर्माण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
