वृद्धजन और विधवा महिलाओं की समस्याओं को लेकर स्वतंत्र किसान पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
पेंशन बढ़ाने सहित कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को दिया आवेदन
संवाददाता :आशीष ठाकरे
आठनेर। वृद्धजन एवं विधवा महिलाओं की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर स्वतंत्र किसान पार्टी ने मंगलवार 28 जुलाई 2026 को तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने तहसीदार के माध्यम से सरकार से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सुधार और पेंशन व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वृद्धजन और विधवा महिलाएं समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने मांग की कि सरकार इन वर्गों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करे।
मासिक पेंशन ₹600 से बढ़ाकर ₹3000 करने की मांग
स्वतंत्र किसान पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से वृद्धजन एवं विधवा महिलाओं को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि बढ़ाने की मांग रखी है। पार्टी का कहना है कि वर्तमान में मिलने वाली ₹600 की पेंशन राशि महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह किया जाए, ताकि वृद्धजन और विधवा महिलाएं अपनी आवश्यक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें।
समय पर पेंशन भुगतान और ई-केवाईसी में राहत की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पेंशन राशि का भुगतान प्रत्येक माह समय पर सुनिश्चित किया जाए। कई बार तकनीकी समस्याओं और प्रक्रियागत परेशानियों के कारण हितग्राहियों को समय पर पेंशन नहीं मिल पाती है।
इसके अलावा आधार ई-केवाईसी प्रक्रिया में भी आवश्यक राहत देने की मांग की गई। पार्टी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को ई-केवाईसी कराने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए।
लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण की मांग
ज्ञापन में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लंबित आवेदनों का जल्द निराकरण करने की मांग भी की गई। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि कई पात्र हितग्राही लंबे समय से योजनाओं का लाभ पाने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर पात्र लोगों को जल्द से जल्द योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
घर-घर पेंशन पहुंचाने की व्यवस्था की मांग
स्वतंत्र किसान पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्धजन और विधवा महिलाओं की सुविधा के लिए बैंक सखी या डाकघर के माध्यम से घर-घर पेंशन पहुंचाने की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
पार्टी का कहना है कि कई बुजुर्ग और असहाय महिलाएं बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं होतीं। ऐसे में उन्हें घर पर ही पेंशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग
ज्ञापन में वृद्धजन और विधवा महिलाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
पार्टी ने सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था करने की मांग रखी, ताकि उन्हें इलाज के दौरान परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बस और ट्रेन यात्रा में निशुल्क सुविधा की मांग
स्वतंत्र किसान पार्टी ने वृद्धजन एवं विधवा महिलाओं को बसों और ट्रेनों में 100 प्रतिशत निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार के सामने रखी।
पार्टी का कहना है कि इस सुविधा से बुजुर्ग और जरूरतमंद महिलाएं आसानी से अपने आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा कर सकेंगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में कहा गया कि वृद्धजन एवं विधवा महिलाएं किसी सहानुभूति की पात्र नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की हकदार हैं। सरकार को उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।
स्वतंत्र किसान पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि वृद्धजन और विधवा महिलाओं के हित में जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
