मनावर में आदिवासी जमीन अधिग्रहण को लेकर विरोध, Malkhan Singh Patel ने उठाई ग्रामीणों की आवाज
*रिपोर्ट : नरेंद्र सिरवी*
सीतापुरी के अवराल फलिया में मुआवजे को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी
धार जिले के मनावर क्षेत्र में आदिवासी समाज की जमीन अधिग्रहण का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सीतापुरी पंचायत के अवराल फलिया में जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों ने मुआवजे में अंतर का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस मामले में आदिवासी कांग्रेस धार के जिला कार्यकारी अध्यक्ष Malkhan Singh Patel ने ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन से उचित समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान उन्हें अपेक्षाकृत कम मुआवजा दिया गया, जबकि आसपास के क्षेत्रों में अधिक राशि का भुगतान किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर आदिवासी कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होकर उनकी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री द्वारा जमीन अधिग्रहण का मामला
मनावर के सीतापुरी क्षेत्र के अवराल फलिया में अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के लिए आदिवासी समाज की जमीनों के अधिग्रहण का मामला सामने आया है। आदिवासी कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष मलखान सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण के दौरान प्रभावित आदिवासी परिवारों को समान मुआवजा नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि देवरा एवं बोर्लाई क्षेत्र में एक बीघा जमीन के लिए 7 लाख 50 हजार रुपये तक की राशि दी गई, जबकि अवराल फलिया में ग्रामीणों को 5 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही परियोजना के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में मुआवजे की राशि में अंतर क्यों रखा गया।
प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
मलखान सिंह पटेल ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावित ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जमीन आदिवासी समाज की आजीविका का मुख्य आधार होती है, इसलिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और समानता जरूरी है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सभी प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
आदिवासी कांग्रेस नेता मलखान सिंह पटेल ने कहा कि यदि ग्रामीणों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय, अत्याचार या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी कांग्रेस हमेशा समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सामने रखा और उचित मुआवजे की मांग की।
कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस धार के जिला उपाध्यक्ष पवन पटेल, संगठन मंत्री जगदीश कनेल, ग्रामीण रमेश भाई पूर्व सरपंच, दयाराम पटेल, सीताराम बघेल, लालसिंह वास्केल, तेरसिंह निगम, रूमाल वास्केल, रमेश निगम सहित कई लोग मौजूद रहे।
आदिवासी अधिकारों की रक्षा का संकल्प
मलखान सिंह पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि जमीन, रोजगार और सम्मान से जुड़े मुद्दे आदिवासी समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाया जाएगा और समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों को न्याय मिलने की उम्मीद
जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर मनावर के सीतापुरी क्षेत्र में उठे विवाद के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। अवराल फलिया के प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण में सभी परिवारों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए और मुआवजा राशि में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित समाधान निकालने की मांग की है।
वहीं आदिवासी कांग्रेस ने भी ग्रामीणों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। संगठन के जिला कार्यकारी अध्यक्ष मलखान सिंह पटेल ने कहा है कि आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।
अब सभी की नजर प्रशासन के निर्णय पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें न्याय मिलेगा और मुआवजे से जुड़ी समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा।
