हर्षोल्लास के साथ मनाई गई प्रजापति जयंती, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति रहे मुख्य अतिथि
स्वराज वाणी संवाददाता : राहुल जैन
समाज की एकजुटता और सामाजिक उत्थान का दिया संदेश
Ashoknagar । मध्य प्रदेश राज्य प्रजापति कुंभकार संघ एवं श्री राम-जानकी मंदिर प्रजापति समिति, टोरिया (जिला अशोकनगर) के तत्वावधान में 26 जुलाई को श्री महाराज प्रजापति जयंती समारोह हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। वर्धमान स्कूल के सामने स्थित गौशाला परिसर के मानस भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ भगवान श्री राम-जानकी एवं समाज के आराध्य देव के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद समाज के वरिष्ठजनों और अतिथियों का स्वागत किया गया।
समाज की एकता पर दिया विशेष जोर
मुख्य अतिथि नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता पर निर्भर करती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज को कुरीतियों और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। साथ ही युवाओं को उच्च शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना आवश्यक है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
शिक्षा और युवा शक्ति पर रहा विशेष फोकस
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का युग है। ऐसे में शिक्षा ही वह माध्यम है, जो युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बन सकता है। युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए निरंतर अध्ययन, कौशल विकास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने समाज की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों से परिचित कराने का कार्य भी करते हैं।
प्रजापति जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और समाज के विकास का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, महिला मंडल, युवा वर्ग तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने प्रजापति समाज की एकता, सामाजिक समरसता और संगठन की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। समारोह के दौरान शिक्षा के प्रसार, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, समाज में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की उन्नति के लिए शिक्षा, संगठन और आपसी सहयोग सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे की भावना से सराबोर रहा। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं से सामाजिक मूल्यों को अपनाने, अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करने तथा समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। महिला मंडल की सहभागिता ने आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाया। उपस्थित लोगों ने समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह के अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, समाजजनों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सभी ने समाज की सुख-समृद्धि, एकता और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के संदेश के साथ हुआ।
