MP Weather Update: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, अगले चार दिन भारी बारिश के आसार; कई जिलों में अलर्ट जारी
MP में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है, जबकि सोमवार के लिए छह जिलों में विशेष रूप से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय होने के कारण वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। इससे प्रदेश में अब तक बनी बारिश की कमी भी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
इन छह जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 से 30 जुलाई के बीच वर्षा की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी।
कई मौसम प्रणालियों का संयुक्त प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश में बारिश का यह दौर कई सक्रिय मौसम प्रणालियों की वजह से बन रहा है। वर्तमान में प्रदेश के ऊपर से गुजर रही मानसून ट्रफ, सक्रिय लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव क्षेत्र) और डिप्रेशन बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके साथ ही आने वाले दिनों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की संभावना है, जिससे वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश देखने को मिल सकती है। जिन इलाकों में लगातार बारिश होगी, वहां जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
MP के अधिकांश हिस्सों में होगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अब भी सामान्य से कम दर्ज हुई बारिश
मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बावजूद मध्य प्रदेश में इस सीजन की कुल वर्षा अभी भी सामान्य से कम बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में औसतन 334.9 मिलीमीटर (करीब 13.2 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 395.2 मिलीमीटर (करीब 15.5 इंच) वर्षा हो जानी चाहिए थी।
इस तरह प्रदेश में अभी भी लगभग 15 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि अगले चार दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से इस कमी में काफी सुधार आ सकता है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों में बारिश की कमी
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक चिंताजनक है। यहां सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है, तो दोनों क्षेत्रों में वर्षा का संतुलन बेहतर हो सकता है।
41 जिलों में अब भी वर्षा का घाटा
MP के अधिकांश जिले अभी भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के केवल 14 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, जबकि 41 जिले अभी भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी ऐसा प्रमुख जिला है, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, देवास, हरदा, नीमच और मंदसौर सहित कुछ अन्य जिलों में भी इस बार वर्षा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है।
जुलाई का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद
MP मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष जून महीने में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहा था, जिससे शुरुआती दौर में पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी। जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, लेकिन उसके बाद कई दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से कुल वर्षा का आंकड़ा फिर सामान्य से नीचे पहुंच गया।
MP में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 37.3 इंच मानी जाती है और इसमें जुलाई महीने का सबसे बड़ा योगदान होता है। ऐसे में मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले चार दिनों तक जारी रहने वाला बारिश का दौर जुलाई के वर्षा लक्ष्य को काफी हद तक पूरा करने में मदद करेगा और प्रदेश में बने बारिश के घाटे को कम करेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में लगातार मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि भारी बारिश वाले इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चेतावनी और अलर्ट में बदलाव भी किया जा सकता है।
