एक पेड़ माँ के नाम अभियान दमोह के तहत नवीन मेडिकल कॉलेज परिसर में 100 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री लखन पटेल, सांसद राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, सीईओ प्रवीण फूलपगारे सहित जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों एवं समाजसेवियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
रिपोर्टर सोनू अठया स्वराज वाणी दमोह मध्य प्रदेश
मेडिकल कॉलेज परिसर में गूंजा हरियाली का संदेश, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 100 पौधों का रोपण
दमोह। एक पेड़ माँ के नाम अभियान दमोह के अंतर्गत नवीन मेडिकल कॉलेज परिसर में रविवार को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन के उद्देश्य से 100 पौधों का सामूहिक पौधरोपण किया गया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, समाजसेवियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं बल्कि उनके संरक्षण का संकल्प लेना भी था, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।
कार्यक्रम में इन प्रमुख अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर प्रदेश के आनंद विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फूलपगारे, श्याम शिवहरे, मेडिकल कॉलेज आंदोलन के सूत्रधार मनीष सोनी, मोंटी रैकवार, अनुपम सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, नवीन मेडिकल कॉलेज के डीन, चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने अपने हाथों से पौधे लगाए और पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया मजबूत संदेश
एक पेड़ माँ के नाम अभियान दमोह के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते वन क्षेत्र पूरी मानवता के लिए चिंता का विषय हैं। ऐसे में वृक्षारोपण ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
पौधरोपण के साथ संरक्षण का भी लिया संकल्प
कार्यक्रम में केवल पौधे लगाने तक ही बात सीमित नहीं रही बल्कि सभी अतिथियों ने पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया।वक्ताओं ने कहा कि—
- पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उनकी देखभाल करना उससे कहीं अधिक आवश्यक है।
- प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार के साथ एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
- बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विकसित किए जाने चाहिए।
- अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बना जनआंदोलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेरित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान आज पूरे देश में जनभागीदारी का अभियान बन चुका है। दमोह में आयोजित इस कार्यक्रम ने भी यही संदेश दिया कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बढ़ेगी हरियाली
नवीन मेडिकल कॉलेज परिसर में लगाए गए 100 पौधे आने वाले समय में परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ शुद्ध वातावरण प्रदान करेंगे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इन पौधों के नियमित संरक्षण और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
पर्यावरण विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान, प्रदूषण और जल संकट को रोकने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण आवश्यक है।
एक परिपक्व वृक्ष—
- ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है।
- भूजल संरक्षण में मदद करता है।
- जैव विविधता को बढ़ावा देता है।
- गर्मी को कम करने में सहायक होता है।
सभी ने किया जनभागीदारी का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सभी ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाएं ही नहीं बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हराभरा भारत मिल सके।
निष्कर्ष
एक पेड़ माँ के नाम अभियान दमोह ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। नवीन मेडिकल कॉलेज परिसर में हुआ 100 पौधों का सामूहिक रोपण समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो देश को हराभरा बनाने का सपना साकार हो सकता है।

