—Advertisement—

पेपर लीक पर कठोर कानून की मांग: भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

Author Picture
Published On: 25 July 2026
WhatsApp Image 2026 07 25 at 8.18.50 PM 1

—Advertisement—

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

पेपर लीक पर कठोर कानून की मांग

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को विस्तृत ज्ञापन भेजा है। संगठन ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए कठोर कानून लागू करने की मांग की है।


विद्यार्थियों के भविष्य पर चिंता

ट्रस्ट ने ज्ञापन में कहा कि देश के लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक संघर्ष के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने या परीक्षाएं निरस्त होने जैसी घटनाओं से विद्यार्थियों का समय, परिश्रम और भविष्य प्रभावित होता है। इससे परीक्षा प्रणाली पर उनका विश्वास भी कमजोर पड़ता है।


ट्रस्ट की प्रमुख मांगें

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने केंद्र सरकार से मांग की है कि—

  • पेपर लीक के मामलों में कठोर कानून का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।
  • मामलों की त्वरित जांच के लिए फास्ट ट्रैक न्यायालय स्थापित किए जाएं।
  • दोषियों पर कठोर कारावास और आर्थिक दंड सुनिश्चित किया जाए।
  • आधुनिक डिजिटल सुरक्षा एवं एन्क्रिप्शन प्रणाली लागू की जाए।
  • सभी भर्ती एवं परीक्षा एजेंसियों के लिए एक समान सुरक्षा मानक निर्धारित किए जाएं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान

ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा ही भारत का भविष्य है। यदि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का नुकसान है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि करोड़ों विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करना है।

WhatsApp Image 2026 07 25 at 8.18.55 PM 1


पदाधिकारियों का संयुक्त वक्तव्य

संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय सचिव श्री शिवम तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रेम कुमार वैद्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार श्री इंद्रजीत सिंह चौहान, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष भँवरलाल मेनारिया, मध्यप्रदेश प्रदेश सचिव श्रीमती अनीता दुबे तथा मध्यप्रदेश मीडिया प्रभारी श्री जीवनलाल जैन (चाय वाले) सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर नियंत्रण और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।


निष्कर्ष

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं। संगठन ने विश्वास जताया कि सरकार इस गंभीर विषय पर ठोस निर्णय लेकर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp