Mau से खाटू धाम तक गूंजा “जय गौ माता” का जयघोष, 25 किमी की गो सम्मान आह्वान यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
पडाना। गौमाता के सम्मान, सुरक्षा और संवर्धन के संकल्प के साथ शनिवार को एकादशी के पावन अवसर पर मऊ स्थित मां दुर्गा गौशाला से “गो सम्मान आह्वान यात्रा” का भव्य शुभारंभ हुआ। श्री 108 महंत गुरु चरण दास जी महाराज के सान्निध्य में निकली इस 25 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यात्रा का समापन खुजनेर स्थित खाटू धाम मंदिर परिसर में हुआ, जहां श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से निशान ध्वज अर्पित किया गया। पूरे मार्ग में गौभक्ति और धार्मिक आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
मां दुर्गा गौशाला से हुआ यात्रा का शुभारंभ
सुबह से ही मऊ स्थित मां दुर्गा गौशाला परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। पूरा परिसर “जय गौ माता, जय गोपाल” के नारों से गूंज उठा। गौ सेवा और गौ संरक्षण के संदेश को लेकर निकली इस यात्रा में सनातन हिंदू समाज के लोग, गौभक्त, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, महिला-पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर गौ माता के सम्मान का संदेश देते हुए आगे बढ़े। आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और श्रद्धा दिखाई दी।
महंत गुरु चरण दास जी महाराज के सान्निध्य में निकली यात्रा
गो सम्मान आह्वान यात्रा श्री 108 महंत गुरु चरण दास जी महाराज के सान्निध्य में निकाली गई। उन्होंने यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है। गौ संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से गौशालाओं के सहयोग और गौ सेवा के कार्यों में आगे आने की अपील की।
गांव-गांव हुआ यात्रा का स्वागत
25 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के दौरान रास्ते में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा तुकोगंज, गुलावता, शेरपुरा, शंकरपुरा और धामंदा सहित कई गांवों से होकर गुजरी।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने उत्साह के साथ यात्रियों का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, फलाहार और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी यात्रा में शामिल होकर गौ सेवा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
गौ सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना रहा मुख्य उद्देश्य
आयोजक समिति के अनुसार, गो सम्मान आह्वान यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में गौमाता के प्रति सम्मान और श्रद्धा की भावना को मजबूत करना है। इसके साथ ही लोगों को गौ संरक्षण और गौ सेवा के लिए प्रेरित करना भी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य रहा।
आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में गौ संरक्षण की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। समाज के हर वर्ग को मिलकर गौ सेवा के लिए प्रयास करने चाहिए, ताकि भारतीय संस्कृति की इस महत्वपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके।
खाटू धाम पहुंचकर हुआ धार्मिक आयोजन
लगभग 25 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु खुजनेर नगर स्थित खाटू धाम मंदिर परिसर पहुंचे। यहां धार्मिक विधि-विधान के साथ निशान ध्वज चढ़ाया गया।
इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भाग लिया। मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गौ सेवा का संकल्प लिया।
समापन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को फलाहारी प्रसादी का वितरण किया गया।
सामाजिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
यात्रा को सफल बनाने में क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने सहयोग किया। संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य पूरे मार्ग में व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए।
आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में एकता, सेवा भावना और धार्मिक संस्कारों को मजबूत करते हैं। गौ सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन किए जाएंगे।
श्रद्धा और संस्कृति का प्रतीक बनी यात्रा
गो सम्मान आह्वान यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश दिया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने गौमाता के सम्मान, संरक्षण और सेवा के लिए अपना संकल्प दोहराया।
“जय गौ माता” के जयघोष के साथ निकली यह यात्रा लोगों के बीच गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनी। श्रद्धालुओं ने इसे आस्था, संस्कृति और सेवा का अनूठा संगम बताया।
