समाज बदलने वाले गुमनाम नायकों को मिलेगा ‘Golden Impact Achiever Awards-3’, निःशुल्क नामांकन शुरू
शिक्षा, भूखमुक्त समाज और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
इंदौर। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए वर्षों से निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे गुमनाम नायकों को अब राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल शुरू की गई है। सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के प्रति समर्पित नोडल संस्था ‘2030 का भारत’ ने Golden Impact Achiever Awards-3 (GIAA-3) के लिए निःशुल्क नामांकन आमंत्रित किए हैं।
इस सम्मान के माध्यम से उन व्यक्तियों और संस्थाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने समाज के विकास और मानव कल्याण के लिए शिक्षा, भूखमुक्त समाज और स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
गुमनाम परिवर्तनकर्ताओं को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
समाज में कई ऐसे लोग कार्य कर रहे हैं, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार और व्यक्तिगत प्रसिद्धि की इच्छा के लगातार लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं। ऐसे ही वास्तविक परिवर्तनकर्ताओं को पहचान देने के उद्देश्य से गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स की शुरुआत की गई है।
संस्था का मानना है कि समाज में वास्तविक बदलाव केवल योजनाओं और नीतियों से नहीं आता, बल्कि उन लोगों के प्रयासों से आता है जो जमीनी स्तर पर काम करते हुए लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के कार्यों को सामने लाने और उन्हें सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का होगा सम्मान
गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 के अंतर्गत मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा—
1. क्वालिटी एजुकेशन (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा)
शिक्षा समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव मानी जाती है। ऐसे व्यक्ति और संगठन जो वंचित वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने, बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं, उन्हें इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।
2. जीरो हंगर (भूखमुक्त समाज)
भूख और कुपोषण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और संस्थाओं को भी इस सम्मान के लिए चुना जाएगा। जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने और समाज में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दी जाएगी।
3. अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी (सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा)
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में नवाचार, जागरूकता और जनहित के लिए कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. अतुल मलिकराम ने बताया अवॉर्ड का उद्देश्य
‘2030 का भारत’ के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि देश केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं बदलता, बल्कि उन लोगों के प्रयासों से बदलता है जो दूसरों के जीवन में आशा और सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेकर कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स का उद्देश्य ऐसे वास्तविक परिवर्तनकर्ताओं को पहचानना और उनके कार्यों को समाज के सामने लाना है, जिन्होंने बिना किसी अपेक्षा के मानव कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. मलिकराम ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में ऐसे लोग मौजूद हैं, जिनके छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। ऐसे लोगों को सम्मान देना और उनकी प्रेरणादायी यात्रा को सामने लाना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
पहले दो संस्करणों में 21 समाजसेवियों को मिला सम्मान
गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स का यह तीसरा संस्करण है। इससे पहले आयोजित दो संस्करणों में सात हिंदीभाषी राज्यों के कुल 21 समाजसेवियों और परिवर्तनकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
इन पुरस्कारों के माध्यम से ऐसे लोगों को पहचान मिली है, जो समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं और अपने प्रयासों से सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।
विशेषज्ञ समिति करेगी नामांकनों का मूल्यांकन
आयोजन समिति ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति या संस्था है, जो शिक्षा, भूखमुक्त समाज या स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, तो उसका नामांकन अवश्य भेजें।
प्राप्त सभी नामांकनों का मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाएगा। समिति द्वारा चयनित परिवर्तनकर्ताओं को गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 से सम्मानित किया जाएगा।
नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है। कोई भी योग्य व्यक्ति, संस्था या सामाजिक कार्यकर्ता अपने कार्यों के आधार पर इस सम्मान के लिए नामांकित किया जा सकता है।
इस पहल के माध्यम से देशभर के ऐसे लोगों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है, जो समाज को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
समाज निर्माण में योगदान देने वालों के लिए बड़ा अवसर
गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स-3 केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति सम्मान है जो समाज में बदलाव की नींव रख रहे हैं। शिक्षा, भोजन और ऊर्जा जैसे मूलभूत क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलने से समाज में सेवा और नवाचार की भावना को मजबूती मिलेगी।
‘2030 का भारत’ की यह पहल सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और देश के वास्तविक नायकों को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
समाज में बदलाव लाने वाले ऐसे सभी गुमनाम नायकों के लिए यह एक अवसर है कि उनके कार्यों को राष्ट्रीय मंच मिले और उनकी प्रेरणादायी यात्रा अन्य लोगों के लिए उदाहरण बन सके।
