महिदपुर के नारायणा रोड पर घटिया निर्माण की खुली पोल, पहली बारिश में सड़क किनारे जमा हुआ पानी
संवाददाता : संयम कासलीवाल ,महिदपुर सिटी
नाली निर्माण के बावजूद नहीं दिया गया निकासी मार्ग, रहवासियों ने नगर पालिका से कार्रवाई की मांग की
महिदपुर। शहर के नारायणा रोड क्षेत्र में हाल ही में किए गए सड़क एवं नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पहली ही बारिश ने निर्माण कार्यों की हकीकत सामने ला दी है। सड़क निर्माण और नाली व्यवस्था में लापरवाही के कारण बारिश का पानी सड़क किनारे जमा हो गया, जिससे स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण कार्य में तकनीकी खामियां बरती गई हैं। नाली का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन बारिश के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते पानी नालियों से बाहर निकलकर सड़क किनारे जमा हो रहा है और लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
पहली बारिश में सामने आई निर्माण कार्य की खामियां
नारायणा रोड पर कुछ समय पहले सड़क एवं नाली निर्माण का कार्य कराया गया था। निर्माण के समय स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अब क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी और बारिश के दौरान आवागमन आसान होगा। लेकिन पहली ही बारिश ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
बारिश के बाद सड़क किनारे बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। कई जगहों पर कीचड़ की स्थिति बन गई, जिससे पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की सही योजना बनाई जाती और पानी निकासी की व्यवस्था की जाती तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती।
नाली बनी, लेकिन निकासी की व्यवस्था अधूरी
रहवासियों के अनुसार सड़क निर्माण से पहले नाली निर्माण का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालना होता है। लेकिन नारायणा रोड पर नाली निर्माण के बाद भी पानी का प्रवाह सही दिशा में नहीं किया गया।
आरोप है कि नाली का मुंह दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया, जिससे पानी आगे जाने के बजाय सड़क किनारे ही जमा हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश के दिनों में घरों के सामने पानी भरने से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में केवल नाली बना देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसकी सही ढलान और निकासी मार्ग सुनिश्चित करना भी जरूरी होता है। यदि पानी का रास्ता सही नहीं बनाया गया तो हर बारिश में यही समस्या दोहराती रहेगी।
राहगीरों और वाहन चालकों को हो रही परेशानी
जलभराव के कारण नारायणा रोड से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे जमा पानी के कारण कई बार वाहन चालकों को असुविधा होती है। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क किनारे पानी जमा रहने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से परेशान रहते हैं। इसके अलावा जमा पानी से मच्छरों के पनपने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
रहवासियों ने उठाए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
क्षेत्र के नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क और नाली निर्माण में मानकों का पालन किया गया होता तो पहली बारिश में ही ऐसी स्थिति नहीं बनती।
लोगों का कहना है कि शहर के विकास के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तकनीकी मापदंडों का ध्यान रखा जाना चाहिए। सरकारी धन से होने वाले कार्यों का लाभ आम जनता को मिलना चाहिए, लेकिन यदि निर्माण में लापरवाही बरती जाती है तो इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
रहवासियों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति को देखे और समस्या का स्थायी समाधान निकाले।
नगर पालिका से समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका अधिकारियों से मांग की है कि नारायणा रोड पर जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां की नाली को दूसरी मुख्य नाली से जोड़ा जाए, ताकि बारिश का पानी सीधे निकासी मार्ग से बाहर जा सके।
नागरिकों का कहना है कि केवल अस्थायी समाधान से काम नहीं चलेगा। जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए स्थायी व्यवस्था करना जरूरी है। इसके लिए नाली की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।
लोगों ने उम्मीद जताई है कि नगर पालिका प्रशासन जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा और क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी।
ठेकेदार और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग
रहवासियों ने यह भी मांग की है कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क और नाली निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य सीधे आम जनता की सुविधाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए इन कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
अब नगर पालिका की कार्रवाई पर नजर
नारायणा रोड पर जलभराव की समस्या सामने आने के बाद अब लोगों की नजर नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। देखना होगा कि नगर पालिका अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कितनी जल्दी इसका समाधान किया जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाले बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल पहली बारिश में ही निर्माण कार्य की कमियां सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब नगर पालिका की जिम्मेदारी है कि वह जांच कर स्थिति स्पष्ट करे और लोगों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाए।
