Rewa में स्वच्छता अभियान को मिली नई गति: नगर निगम की सख्ती, 10 हजार रुपये का चालान और दुकानदारों को डस्टबिन वितरित
संवाददाता : सुधांशु पांडे
सिरमौर चौराहा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर स्वच्छता नियमों का कराया पालन, नागरिकों से शहर को साफ-सुथरा रखने की अपील
Rewa । स्वच्छ भारत मिशन को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने और शहर को साफ, सुंदर तथा व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से रीवा नगर निगम ने स्वच्छता अभियान को और तेज कर दिया है। नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन के निर्देशन में शुक्रवार को शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शामिल सिरमौर चौराहा में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान निगम अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का चालान किया। साथ ही क्षेत्र के दुकानदारों और व्यापारियों को डस्टबिन वितरित कर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई।
नगर निगम का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए केवल सफाई कर्मचारियों की मेहनत पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों और व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग स्वयं स्वच्छता नियमों का पालन करें।
सिरमौर चौराहा बना अभियान का केंद्र
शुक्रवार सुबह नगर निगम की टीम सिरमौर चौराहा क्षेत्र में पहुंची, जहां अधिकारियों ने बाजार, दुकानों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़क किनारे कचरा फेंका हुआ मिला। कुछ दुकानों के सामने भी कचरे के ढेर दिखाई दिए, जबकि कई लोग खुले में कचरा डालते हुए पाए गए।
नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित लोगों को स्वच्छता नियमों की जानकारी दी और सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने पर जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में कहीं भी कचरा फैलाने या स्वच्छता नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
10 हजार रुपये का चालान
निरीक्षण के दौरान स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कुल 10 हजार रुपये का चालान किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि जुर्माना लगाने का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना है।
उन्होंने बताया कि कई बार लोगों को समझाने के बावजूद वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंक देते हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आर्थिक दंड भी आवश्यक हो जाता है।
दुकानदारों को वितरित किए गए डस्टबिन
अभियान के दौरान नगर निगम की ओर से बाजार क्षेत्र के दुकानदारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को डस्टबिन वितरित किए गए। अधिकारियों ने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर साफ-सफाई बनाए रखें और ग्राहकों को भी कचरा डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित करें।
व्यापारियों को बताया गया कि यदि प्रत्येक दुकान के बाहर डस्टबिन उपलब्ध रहेगा तो सड़क पर कचरा फैलने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। इससे बाजार क्षेत्र साफ-सुथरा रहेगा और नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को भी सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा होगी।
व्यापारियों से सहयोग की अपील
नगर निगम अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि शहर की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने व्यापारियों से अनुरोध किया कि वे प्लास्टिक, खाद्य सामग्री के अवशेष और अन्य कचरे को सड़क पर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में डालें। साथ ही दुकानों के आसपास नियमित सफाई रखें और ग्राहकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें।
कई व्यापारियों ने नगर निगम की पहल का स्वागत करते हुए स्वच्छता अभियान में सहयोग का भरोसा भी दिया।
नागरिकों को किया जागरूक
निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी बातचीत की। लोगों को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें तथा गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करें।
स्वच्छ भारत मिशन को मिलेगी मजबूती
नगर निगम का यह अभियान केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन और राज्य सरकार के स्वच्छ शहर अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। शहरों को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
नगर निगम का मानना है कि यदि नागरिक स्वच्छता नियमों का पालन करेंगे तो शहर की रैंकिंग में भी सुधार होगा और रीवा एक आदर्श स्वच्छ शहर के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।
सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों, बस स्टैंड, सार्वजनिक पार्कों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई कराई जा रही है। इसके अलावा कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से घर-घर से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था भी की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बावजूद यदि लोग खुले में कचरा फेंकेंगे तो सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी। इसलिए लोगों की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छता केवल सुंदरता का विषय नहीं बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। खुले में पड़ा कचरा मच्छरों, मक्खियों और अन्य रोग फैलाने वाले जीवों का कारण बनता है। बरसात के मौसम में गंदगी से संक्रमण फैलने की संभावना और बढ़ जाती है।
नगर निगम ने लोगों से अपील की कि वे अपने घर, दुकान और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखें ताकि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल सके।
लगातार जारी रहेगा निरीक्षण
नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न वार्डों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
इसके साथ ही निगम की टीमें लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करती रहेंगी, ताकि दंडात्मक कार्रवाई की आवश्यकता कम पड़े और लोग स्वयं जिम्मेदारी निभाएं।
नागरिकों से की गई अपील
नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाएं। कचरा हमेशा डस्टबिन में डालें, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं, प्लास्टिक के उपयोग को कम करें और अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने में सहयोग दें।
अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का पालन करेगा तो रीवा को स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यवर्धक शहर बनाने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकेगा।
स्वच्छ शहर की दिशा में सकारात्मक कदम
सिरमौर चौराहा क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान केवल चालान काटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को स्वच्छता का संदेश देने का माध्यम भी बना। डस्टबिन वितरण, व्यापारियों से संवाद और नागरिकों को जागरूक करने जैसी पहल यह दर्शाती है कि नगर निगम दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जनभागीदारी पर भी विशेष जोर दे रहा है।
आने वाले समय में यदि ऐसे अभियान लगातार जारी रहते हैं और नागरिक भी सक्रिय सहयोग करते हैं, तो रीवा न केवल स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा बल्कि अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।
