51 लाख पौधारोपण अभियान के लिए कैलाश विजयवर्गीय का नाम स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला सम्मान
इंदौर। पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री Kailash Vijayvargiya का नाम स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। 51 लाख पौधों के महाअभियान के माध्यम से विशाल ऑक्सीजन वन तैयार करने के प्रयासों के लिए उन्हें संस्था द्वारा मान्यता प्रमाण-पत्र (Certificate of Recognition) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान एक गरिमामय समारोह में परम पूज्य अनुष्ठान आराधिका डॉ. कुमुदलता जी म.सा. के पावन सानिध्य एवं प्रेरणा में प्रदान किया गया। समारोह में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए इस ऐतिहासिक कार्य की सराहना की गई।
51 लाख पौधों के महाअभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें 51 लाख पौधों के रोपण के माध्यम से देश के सबसे बड़े शहरी ऑक्सीजन वनों में से एक के निर्माण के लिए मान्यता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि हरित विकास, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए व्यापक प्रयासों का प्रतीक मानी जा रही है। श्री विजयवर्गीय की अनुपस्थिति में उनके पुत्र एवं पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने समारोह में यह सम्मान ग्रहण किया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि बड़े स्तर पर किया गया यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में डिपिन जैन, अचल चौधरी, रमेश भंडारी, वीरेंद्र कुमार जैन, प्रकाश भटेवरा और विवेक जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने इस उपलब्धि को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणादायी कदम बताते हुए शुभकामनाएं दीं।
बंजर भूमि को बनाया हरित क्षेत्र
जानकारी के अनुसार श्री कैलाश विजयवर्गीय के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में बीएसएफ बुधानिया परिसर की बंजर और पथरीली भूमि पर 51 लाख पौधों का व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया था। इस अभियान के परिणामस्वरूप क्षेत्र ने अब एक विशाल हरित क्षेत्र का स्वरूप धारण कर लिया है।
यह पहल केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रही, बल्कि पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ वायु, भूजल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्रेरणादायी पहल
डॉ. कुमुदलता जी म.सा. ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 51 लाख पौधों का यह महाअभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए लिया गया एक महत्वपूर्ण संकल्प है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं, जो हमें शुद्ध वायु, पर्यावरण संतुलन और स्वस्थ जीवन प्रदान करते हैं। ऐसे बड़े स्तर के हरित अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच अधिक से अधिक पौधारोपण करना समय की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी करे, तो इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने 51 लाख पौधों के अभियान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करते हैं और आने वाले समय में हरित एवं स्वस्थ वातावरण निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय प्रयास
समारोह में उपस्थित लोगों ने श्री कैलाश विजयवर्गीय के पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा की। उपस्थित जनों ने कहा कि बड़े स्तर पर किए गए ऐसे अभियान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और हरित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन जिनेश्वर जैन द्वारा किया गया। समारोह में देशभर से आए लोगों ने इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं व्यक्त कीं और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर प्रयासों की सराहना की।
यह सम्मान 51 लाख पौधों के अभियान को एक नई पहचान देने के साथ ही समाज में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
