दमोह | संवाददाता सोनू अठया
Damoh में नशा मुक्ति का जनसंदेश: हजारों विद्यार्थियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ, पुलिस ने किया जागरूक
Damoh । समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से मुक्त करने और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत बुधवार को दमोह के तहसील ग्राउंड में विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया।
यह आयोजन पुलिस विभाग के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (भापुसे) ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया और उन्हें जीवन में सकारात्मक सोच एवं अनुशासन अपनाने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
तहसील ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकत्रित हुए। उत्कृष्ट विद्यालय, ईएफए जेपीबी स्कूल एवं एमएलबी स्कूल सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शपथ लेते हुए कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के लोगों को भी नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने यह संदेश दिया कि मजबूत और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशे से दूरी बनाना आवश्यक है।

पुलिस अधीक्षक ने युवाओं को किया प्रेरित
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। यदि युवा वर्ग स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार रहेगा तो समाज भी मजबूत बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे जैसी बुरी आदतों से हमेशा दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के कारण व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर होता है। कई बार नशे की आदत परिवारों में तनाव और सामाजिक समस्याओं का कारण बनती है। इसलिए समय रहते इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा और पुलिस विभाग की संयुक्त भागीदारी
कार्यक्रम में पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भागीदारी की। अधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने में विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया, डीएसपी सौरभ त्रिपाठी, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार, टीआई महेंद्र सिंह जगेत, यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को, रक्षित निरीक्षक अभिनव साहू, टीआई अमित मिश्रा, चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल, रक्षित निरीक्षक आकांक्षा जोशी, बृजलाल पटेल, एस.के. दुबे सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने की अपील की।

पुलिस ने विद्यार्थियों को बांटे फल
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सभी छात्र-छात्राओं को केले वितरित किए गए। पुलिस विभाग की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
फल वितरण के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए नशे से दूरी और पौष्टिक आहार दोनों आवश्यक हैं।
नशा मुक्त समाज बनाने का आह्वान
“नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
नशे की समस्या आज समाज के सामने एक बड़ी चुनौती है। इसका प्रभाव युवाओं पर सबसे अधिक पड़ता है, इसलिए विद्यार्थियों को इसके प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम नागरिकों, परिवारों और युवाओं की भागीदारी आवश्यक है।
दमोह के तहसील ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम ने हजारों विद्यार्थियों के माध्यम से एक मजबूत संदेश दिया कि स्वस्थ और बेहतर भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाना जरूरी है।

स्वराज वाणी | दमोह
संवाददाता : सोनू अठया
