Nagda, 21 जुलाई 2026।
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का आयोजन स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
महाविद्यालय में यह अभियान 15 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से चलाया गया। अभियान का समापन 21 जुलाई को रंगोली, निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी के निर्देशन एवं अध्यक्षता में किया गया।
विद्यार्थियों ने रचनात्मक माध्यमों से दिया नशामुक्ति का संदेश
अभियान के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, 21 एमपी बटालियन एनसीसी रतलाम के कैडेट्स एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने रंगोली, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को दर्शाते हुए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया।
विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों में नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रंगोली प्रतियोगिता में दिव्या राठौर (बीएससी द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अंगूरबाला (बीकॉम प्रथम वर्ष) द्वितीय तथा कविता सेन (बीकॉम प्रथम वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं।
निबंध प्रतियोगिता में हर्षिता गुप्ता ने प्रथम स्थान हासिल किया। वंशिका (बीएससी द्वितीय वर्ष) द्वितीय और अनसूया (बीएससी द्वितीय वर्ष) तृतीय स्थान पर रहीं।
पोस्टर प्रतियोगिता में गीता वर्मा (बीएससी प्रथम वर्ष) प्रथम स्थान पर रहीं। खुशबू (बीए प्रथम वर्ष) ने द्वितीय तथा विनीता (बीए प्रथम वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्राध्यापकों ने निभाई निर्णायक की भूमिका
प्रतियोगिताओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा द्वारा अनुभवी प्राध्यापकों को निर्णायक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विषय की समझ, रचनात्मकता, संदेश की प्रभावशीलता और प्रस्तुति के आधार पर किया।
निबंध प्रतियोगिता के मूल्यांकन का दायित्व अंग्रेजी विभाग की डॉ. नीति शर्मा ने निभाया। उन्होंने विद्यार्थियों के लेखन कौशल, विचारों की स्पष्टता और नशामुक्त समाज के प्रति उनकी सोच का आकलन किया। पोस्टर प्रतियोगिता के लिए अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. उर्वी मिश्रा को निर्णायक नियुक्त किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्ति और जागरूकता संदेशों का मूल्यांकन किया। वहीं रंगोली प्रतियोगिता में वाणिज्य विभाग की डॉ. कविता कौर एवं गणित विभाग की डॉ. पुष्पा बरनिया ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
सभी निर्णायकों ने पूरी निष्पक्षता के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा का मूल्यांकन किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया। उनकी भूमिका ने प्रतियोगिताओं की गुणवत्ता और सफलता को और अधिक प्रभावी बनाया।
युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: प्राचार्य डॉ. रेड्डी
समापन समारोह में प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी ने सभी प्रतिभागियों और विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं और उन्हें समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि सभी विजेता प्रतिभागियों को महाविद्यालय के आगामी वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने “नशा छोड़ो – जीवन जोड़ो” और “स्वस्थ युवा – सशक्त भारत” जैसे प्रेरणादायी संदेशों के साथ अभियान का समापन किया।
इस अवसर ने यह संदेश दिया कि जागरूकता, शिक्षा और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से मुक्त करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय नागदा द्वारा आयोजित यह अभियान विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला साबित हुआ।
