दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ Indore की ऐतिहासिक बैठक में 84 जातियों को एक मंच पर लाने, राष्ट्रीय महासम्मेलन, 2027 जनगणना में ‘जैन’ लिखने के आह्वान और नए संविधान निर्माण पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पूरी खबर पढ़ें।
दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ Indore: 84 जातियों को एक मंच पर लाने का ऐतिहासिक और प्रेरणादायक संकल्प
Indore । दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ Indore की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को श्री हसमुख जैन गांधी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य दिगंबर जैन समाज की सभी 84 जातियों को एक साझा मंच पर लाकर सामाजिक एकता, संगठन और समन्वय को मजबूत बनाना था। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे और समाज के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक का उद्देश्य
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ Indore का मुख्य उद्देश्य दिगंबर जैन समाज की सभी जातियों के बीच समन्वय स्थापित करना, सामाजिक परिचय बढ़ाना तथा समाज के सामूहिक हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करना है।कार्यक्रम का सफल संचालन श्री बाहुबली जैन ने किया।
मंच पर रहे प्रमुख समाज प्रतिनिधि
बैठक में मंचासीन प्रमुख अतिथियों में श्री हसमुख जैन गांधी, श्री शेखर छाबड़ा (खंडेलवाल समाज), श्री निमिष जैन (पौडवाल समाज), श्री डी.के. जैन (डीएसपी, गोलापूर्व समाज), श्री अरविंद बंडी (हुम्मड़ समाज) तथा श्री जैनेंद्र सावला (बघेरवाल समाज) शामिल रहे।इसके अलावा विभिन्न समाजों के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों में श्री मुकेश कुमार जैन (अग्रवाल समाज महासंघ), आशीष जैन (जैसवाल समाज), राजेन्द्र जैन (गोलालारिया समाज), ऋषभ जैन (जैसवाल उपरोचियां समाज), नवीन जैन (खरोंआ समाज), सुधीर सिंघई (लामेंचू समाज), विजय ओरा (नरसिंहपुरा समाज), सुधीर जैन (पद्मावती पोरवाल समाज), राजीव जैन (पल्लीवाल महासभा), डॉ. उदय जैन (तारण तरन समाज) तथा सुनील जैन (सेतवाल समाज) सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
84 जातियों को जोड़ने का ऐतिहासिक अभियान
महासंघ के अध्यक्ष श्री हसमुख जैन गांधी ने बताया कि दिगंबर जैन समाज में कुल 84 जातियां हैं। समाज को संगठित करने के लिए महासंघ लगातार प्रयास कर रहा है।उन्होंने बताया कि इससे पहले सिद्धवरकूट में 45 जातियों का सफल सम्मेलन आयोजित किया गया था। वहीं अयोध्या में 24 जातियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सहभागिता के साथ एक बड़ा आयोजन संपन्न हुआ था।इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इंदौर में 22 जातियों के प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने की रणनीति बनाई गई।
Indore या अयोध्या में होगा राष्ट्रीय महासम्मेलन
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी समय में इंदौर अथवा अयोध्या में दिगंबर जैन समाज का विशाल राष्ट्रीय महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा।इस महासम्मेलन में देशभर की सभी 84 जातियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि सामाजिक समरसता, संगठन और समाजहित के विषयों पर व्यापक चर्चा की जा सके।
2027 जनगणना में ‘जैन’ लिखने का आह्वान
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आगामी 2027 की राष्ट्रीय जनगणना को लेकर लिया गया।महासंघ ने सभी समाजों से आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर समाज की स्व-जनगणना भी करें। साथ ही सभी जैन समाज के नागरिकों से अपील की गई कि सरकारी जनगणना फॉर्म में धर्म अथवा जाति के कॉलम में स्पष्ट रूप से ‘जैन’ अंकित करें।महासंघ का मानना है कि इससे देश में जैन समाज की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आएगा और समाज के हितों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
नए संविधान के निर्माण का निर्णय
बैठक के दौरान उपस्थित सभी समाज अध्यक्षों ने अपने-अपने समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक एवं जनहित कार्यों की जानकारी साझा की।महासंघ को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए नए संविधान के निर्माण का निर्णय लिया गया।इसके लिए श्री सुभाष सेठिया एवं श्री पवन बागड़िया को अधिकृत किया गया है, जो शीघ्र ही संविधान का प्रारूप तैयार करेंगे।
समाज की एकता का संदेश
बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि दिगंबर जैन समाज की सभी जातियां सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होकर समाज, धर्म और राष्ट्रहित में कार्य करें।महासंघ के इस प्रयास को समाज के विभिन्न वर्गों ने ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताया।कार्यक्रम के अंत में श्री बाहुबली जैन ने सभी अतिथियों, समाज अध्यक्षों एवं उपस्थित प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
दिगंबर जैन सर्वजातीय महासंघ Indore की यह बैठक समाज की एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। 84 जातियों को एक मंच पर लाने, राष्ट्रीय महासम्मेलन आयोजित करने, 2027 की जनगणना में ‘जैन’ दर्ज कराने तथा नए संविधान के निर्माण जैसे निर्णय समाज को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।
