MANIT भोपाल में फूड पॉइजनिंग का मामला: हॉस्टल के कई छात्र बीमार, मेस और पानी की गुणवत्ता पर उठे सवाल; जांच के लिए लिए गए सैंपल
भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) के हॉस्टल में कथित फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। संस्थान के हॉस्टल-9 और हॉस्टल-11 में रहने वाले कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत मिली थी। छात्रों ने मेस के खाने और पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी।
कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने MANIT परिसर पहुंचकर मेस, रसोईघर, आरओ प्लांट और पानी की टंकियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को कई खामियां मिलीं। इसके बाद खाद्य सामग्री और पेयजल के नमूने एकत्र कर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
छात्रों की शिकायत के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्रों की अचानक तबीयत खराब होने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई। छात्रों ने पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत जांच टीम गठित की।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हॉस्टल की मेस व्यवस्था की जांच की और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।
आरओ सिस्टम और पानी की गुणवत्ता में मिली गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आरओ सिस्टम में गंदगी मिली। जांच टीम ने बताया कि पेयजल में काले कण दिखाई दिए, जिसके बाद पानी के नमूने जांच के लिए लिए गए।
अधिकारियों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि पानी या खाद्य सामग्री में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मेस से खाद्य सामग्री के नमूने जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने हॉस्टल-9 और हॉस्टल-11 की मेस से अलग-अलग खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं।
हॉस्टल-9 से तुअर दाल, काबुली चना और पेयजल के सैंपल लिए गए। वहीं हॉस्टल-11 से घी, पंपकिन सीड्स, इमली और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी नमूनों की जांच राज्य प्रयोगशाला में की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
बिना लाइसेंस संचालित हो रही थी मेस
जांच के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। प्राथमिक जांच में पता चला कि हॉस्टल-9 में मेस संचालित करने वाली वैभव फूड्स के पास वैध खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था।
इसी तरह हॉस्टल-11 में भोजन उपलब्ध कराने वाली केटरिंग एजेंसी के पास भी आवश्यक राज्य स्तरीय खाद्य लाइसेंस नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना है।
साफ-सफाई और दस्तावेजों में भी मिली कमी
निरीक्षण के दौरान मेस संचालन से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इनमें मेस कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, फूड हैंडलर्स के प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड शामिल हैं।
इसके अलावा रसोईघर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। अधिकारियों ने रसोई में गंदगी, मकड़ी के जाले और स्वच्छता संबंधी कमियों को दर्ज किया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेस संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य पदार्थों और पानी के नमूनों को जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि भोजन या पानी में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी थी या नहीं।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित मेस संचालकों और एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
MANIT प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। छात्रों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
