—Advertisement—

UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान: बोले- मध्यप्रदेश में सबके लिए होगा एक कानून, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा बिल

Author Picture
Published On: 18 July 2026
UCC
— UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान: कटनी में बोले मुख्यमंत्री- मध्यप्रदेश में सबके लिए एक समान कानून होना चाहिए।

—Advertisement—

UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान: बोले- मध्यप्रदेश में सबके लिए होगा एक कानून, विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगा बिल

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार 17 जुलाई को कटनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान UCC को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था होनी चाहिए और अलग-अलग नियमों की जगह सबके लिए एक ही व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड के तहत मध्यप्रदेश में रहने वाले लोगों के लिए एक जैसी कानूनी व्यवस्था होगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अब प्रदेश में वही व्यवस्था लागू होगी जिसमें सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान नियमों का पालन करना होगा।

एक शादी के नियम पर दिया बयान

कटनी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विवाह व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कानूनी रूप से केवल एक शादी को ही मान्यता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब सभी नागरिकों के लिए कानून समान होना चाहिए तो अलग-अलग समुदायों के लिए अलग नियम क्यों होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि एक समुदाय में एक विवाह की व्यवस्था है तो दूसरे समुदायों के लिए भी वही नियम लागू होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में धार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि जब राम ने एक विवाह किया तो रहीम को दो या चार विवाह करने की अलग अनुमति क्यों होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाएं भी प्रदेश की बेटियां और बहनें हैं, इसलिए कानून ऐसा होना चाहिए जो सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करे।

ट्रिपल तलाक को लेकर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तीन तलाक की प्रथा अब समाप्त हो चुकी है और कानून के तहत इस पर रोक लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं चाहती। सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानून होना जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए UCC लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।

मानसून सत्र में पेश होगा UCC बिल

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि UCC से संबंधित विधेयक को आगामी विधानसभा मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। इससे पहले इसे राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को भोपाल जिले के जगदीशपुर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद विधानसभा में विधेयक लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई तक प्रस्तावित है। इसी दौरान सरकार UCC विधेयक पेश कर सकती है।

UCC पर मिले लाखों सुझाव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर प्रदेश सरकार ने लोगों से सुझाव मांगे थे। इस प्रक्रिया में करीब 9 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने भी UCC का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कई वर्गों से समान कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अब तक UCC के मुद्दे पर अपना स्पष्ट पक्ष नहीं रख पाई है।

कमेटी ने सौंपी थी रिपोर्ट

मध्यप्रदेश सरकार ने UCC को लेकर एक समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंप दी है। अब सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

UCC का उद्देश्य देश या राज्य में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति और अन्य व्यक्तिगत मामलों से जुड़े कानूनों में समानता लाना है। हालांकि, इस मुद्दे पर देशभर में अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक मत देखने को मिलते रहे हैं।

विधानसभा में होगी चर्चा

UCC विधेयक विधानसभा में पेश होने के बाद इस पर चर्चा होगी। सरकार इसे समान अधिकार और समान कानून व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।

वहीं, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी इस मुद्दे पर सामने आने की संभावना है। आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश की राजनीति में UCC एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस बयान के बाद प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजरें 18 जुलाई की कैबिनेट बैठक और विधानसभा मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां सरकार इस कानून को लेकर अगला कदम उठा सकती है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp