Indore के शिशुकुंज स्कूल में बड़ा खुलासा: मैस के पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
Indore Shishukunj School News: इंदौर के शिशुकुंज स्कूल की मैस को लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच में सामने आया कि स्कूल के छात्र जिस आरओ पानी को सुरक्षित समझकर पी रहे थे, उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पाए गए। इसके अलावा मैस में इस्तेमाल किए जा रहे तेल, नमकीन, दाल और आइसक्रीम की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
Indore के शिशुकुंज स्कूल में छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि स्कूल की मैस में उपयोग किया जा रहा आरओ का पानी दूषित था। इसमें ई-कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो आमतौर पर गंदे पानी और ड्रेनेज से जुड़े संक्रमण के संकेत माने जाते हैं।
यह मामला उस समय सामने आया जब स्कूल की मैस में भोजन करने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी बीमार पड़ गए थे। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम को जांच के लिए भेजा।
100 से ज्यादा छात्रों के बीमार होने के बाद हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, शिशुकुंज स्कूल के झलारिया परिसर स्थित मैस में भोजन करने के बाद 100 से ज्यादा विद्यार्थियों की तबीयत खराब हो गई थी। घटना के बाद 22 जून को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल की मैस का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान भोजन बनाने की प्रक्रिया, पानी की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की गई। जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।
खाद्य एवं औषधि विभाग ने स्कूल प्रबंधन को सुधार सूचना पत्र जारी किया है। इसमें 14 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर तय समय में सुधार नहीं किया गया तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाइसेंस निलंबन समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
आरओ के पानी में मिले ई-कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया
जांच के दौरान मैस में इस्तेमाल होने वाले पीने के पानी का सैंपल लिया गया था। रिपोर्ट में सामने आया कि पानी में ई-कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बैक्टीरिया पानी के दूषित होने का संकेत देते हैं और इनके कारण पेट संबंधी बीमारियां, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
स्कूल के बच्चे जिस पानी को आरओ से फिल्टर होकर सुरक्षित मान रहे थे, उसमें बैक्टीरिया मिलने से स्कूल की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
तेल, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थ भी जांच में फेल
खाद्य एवं औषधि विभाग की जांच में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि मैस में इस्तेमाल होने वाले कई खाद्य पदार्थ भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच के दौरान लिए गए पांच खाद्य नमूनों में गंभीर कमियां पाई गईं। इनमें पीने का पानी, रिफाइंड सोयाबीन तेल, फीकी सेव नमकीन, तुअर दाल और स्ट्रॉबेरी आइसक्रीम शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इससे छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मैस में मिलीं कई अन्य लापरवाहियां
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मैस में कई व्यवस्थागत कमियां भी मिलीं।
जांच में पाया गया कि भोजन बनाने वाले क्षेत्र की खिड़कियां ठीक से कवर नहीं थीं, जिससे कीड़े और अन्य पेस्ट के प्रवेश की संभावना बनी हुई थी।
इसके अलावा खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था भी सही नहीं थी। मैस में कुछ एक्सपायरी खाद्य पदार्थ रखे हुए मिले। इससे यह साफ हुआ कि खाद्य सामग्री के उपयोग में FIFO और FEFO सिस्टम का पालन नहीं किया जा रहा था।
टीम को खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं, भोजन बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ बर्तन फूड ग्रेड सामग्री के बजाय एल्यूमीनियम के पाए गए।
कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था में भी कमी
जांच में यह भी सामने आया कि मैस में काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा खाद्य सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था।
भोजन बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों को केवल कैप पहने हुए पाया गया, जबकि उन्हें एप्रन और ग्लव्स का उपयोग करना चाहिए था।
इसके अलावा इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल को भी किचन में ही रखा गया था। डीप फ्रीजर में तापमान नियंत्रण प्रणाली और तापमान दिखाने वाला डिस्प्ले भी उपलब्ध नहीं था।
पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड नहीं मिले
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पाया कि मैस में इस्तेमाल होने वाले पानी की नवीनतम एनएबीएल लैब (IS:10500) जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल से जुड़े रिकॉर्ड भी अधूरे मिले। इससे मैस की नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
स्कूल प्रबंधन को सुधार के निर्देश
खाद्य एवं औषधि विभाग ने शिशुकुंज एजुकेशनल सोसायटी को सुधार सूचना पत्र जारी करते हुए सभी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर तय समय सीमा में संतोषजनक सुधार नहीं किया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले के बाद अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर सुरक्षा मानकों के पालन की मांग तेज हो गई है।
