Bhopal News: सड़कों के गड्ढों पर विकास बैठक में उठा मुद्दा, सांसद-विधायकों ने अधिकारियों से पूछा- जनता को कब मिलेगी राहत?
Bhopal मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विकास कार्यों को लेकर आयोजित बैठक में शुक्रवार को शहर की बदहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद और विधायकों ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर शहर की जनता को खुदी हुई सड़कों और गड्ढों से कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों से सड़क निर्माण, मरम्मत कार्य और शहर में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि राजधानी का बड़ा हिस्सा इन दिनों खुदा हुआ नजर आ रहा है, जिससे आम नागरिकों को रोजाना आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में खुदी सड़कों को लेकर नाराजगी
बैठक में सांसद और विधायकों ने कहा कि भोपाल में लगातार चल रहे निर्माण कार्यों के कारण कई क्षेत्रों में सड़कें खराब हो चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम कमिश्नर से सवाल किया कि सड़कों की स्थिति कब सुधरेगी और लोगों को इस समस्या से कब तक निजात मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन आम जनता की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने सड़क सुधार और मरम्मत कार्यों को लेकर जानकारी दी तथा जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
मास्टर प्लान जल्द लागू करने की मांग
बैठक में भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर भी चर्चा हुई। सांसद ने माना कि राजधानी के व्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान का जल्द लागू होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुसार योजना बनानी होगी। इसके लिए वह जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मास्टर प्लान को जल्द लागू करने का आग्रह करेंगे।
सांसद ने कहा कि भोपाल के विकास के लिए दीर्घकालीन योजना जरूरी है, जिससे यातायात, आवास, सड़क, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
महापौर ने स्मार्ट सिटी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान भोपाल महापौर मालती राय ने भी स्मार्ट सिटी की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि शहर में स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का भी समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
महापौर ने कहा कि स्ट्रीट लाइट खराब होने से आम लोगों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्मार्ट सिटी और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि जनता को सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
कमर्शियल प्लॉट के आकार को लेकर सुझाव
बैठक में विधायक सबनानी ने स्मार्ट सिटी के कमर्शियल प्लॉट को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बड़े आकार के व्यावसायिक प्लॉट होने के कारण कई बार उन्हें खरीदने में लोगों की रुचि कम हो जाती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि कमर्शियल प्लॉट का आकार छोटा किया जाना चाहिए, जिससे अधिक लोग उन्हें खरीद सकें और स्मार्ट सिटी की आय में भी वृद्धि हो सके।
विधायक ने कहा कि छोटे प्लॉट होने से व्यापारियों और निवेशकों के लिए अवसर बढ़ेंगे और शहर में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकास कार्यों में तेजी की जरूरत
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से कहा कि राजधानी भोपाल प्रदेश का प्रमुख शहर है और यहां विकास कार्यों की गति तेज होनी चाहिए। सड़क, यातायात, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि योजनाएं बनाने के साथ-साथ उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है। विकास कार्यों के कारण जनता को असुविधा न हो, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए।
जनता की समस्याओं पर फोकस
दिशा समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुविधा देना होना चाहिए। सड़क निर्माण, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और मास्टर प्लान जैसे बड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की आवश्यकता है।
Bhopal में लगातार बढ़ते यातायात और आबादी को देखते हुए शहर के सुनियोजित विकास पर जोर दिया गया। बैठक में उठे मुद्दों से साफ है कि राजधानी में आधारभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।
अब देखना होगा कि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासनों पर कितनी जल्दी अमल होता है और शहरवासियों को खराब सड़कों व अन्य समस्याओं से कब तक राहत मिलती है।
