महाअभियान : पडाना में सवा लाख से ज्यादा की होना है री- ईकेवाईसी
ई-केवाईसी नहीं कराई तो रुक जाएगा राशन
संवादाता : मनोज कुमार पुष्पत की रिपोर्ट
पडाना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पूरी तरह पारदर्शी वनाने और केवल पात्र परिवारों तक शासकीय योजना का लाभ पहुंचाने के लिए खाद्य विभाग ने पडाना में ई-केवाईसी महाअभियान तेज कर दिया है। संबंधित विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए, स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले हितग्राहियों का राशन आवंटन आगामी दिनों में रोक दिया जाएगा। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में व्याप्त विसंगतियों को दूर करना और अपात्र लोगों की छंटनी करना है।
विसंगतियों को दूर कर सूची को अद्यतन करने का प्रयास खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पूर्व में भी हितग्राहियों की ई-केवाईसी कराई जा चुकी है, लेकिन समय के साथ जमीनी स्तर पर कई बदलाव आए हैं।
कई मूल हितग्राहियों की मृत्यु हो चुकी है. कुछ परिवार रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो गए हैं, तो वहीं कई सदस्य शादी या विभाजन के बाद अलग परिवार बनाकर रहने लगे हैं।
पडाना क्षेत्र में शुरू हुआ री- ईकेवाईसी का कार्य।
सारंगपुर ब्लाक की बात करें तो यहां विभाग के सामने एक बड़ा लक्ष्य है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार सारंगपुर ब्लॉक में कुल पंजीकृत हितग्राही कुल हितग्रीही 238358 है जबकि ई-केवाईसी के लिए लक्षित हितग्राही 106096 है। खाद्य विभाग के पढ़ाना कुल हितग्राही 5512
Ekyc पेंडिंग 2227 आपरेक्टर नितिन परिहार ने बताया कि ब्लॉक के अधिकांश जागरूक हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को
राज एक्सप्रेस
पडाना में लक्ष्य की स्थिति
सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, जिन लोगों की प्रक्रिया होनी है उन्हें विभाग और उचित मूल्य दुकान संचालकों के माध्यम से लगातार जागरूक व सूचित किया जा रहा है।
उद्देश्य राशन बंद करना नहीं, पारदर्शिता
प्रबंधक देवकरण खाती सेल्समेन जोरावर कल मोदिया खाती सुभाष खाती संजू भिलाला के द्वारा नागरिकों की केवाईसी का कार्य किया जा रहा है लाना है सरकारी उचित मूल्य दुकान पडाना ने साफ किया है कि इसपढ़ाना
कुल हितग्राही 5512
Ekyc पेंडिंग 2227 अभियान यत्र उद्देश्य किसी भी गरीब या
दुकानों पर उमड़ने लगी भीड़
हितग्राहियों को अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ई-केवाईसी कराना है। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ ले जाना अनिवार्य है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि इस अंतिम मौके के बाद भी किसी सदस्य की ई-केवाईसी पेडिग पाई जाती है, तो उसका नाम पात्रता सूची से विलोपित करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं हितग्राही की होगी। प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा कर असुविधा से बवें।
वास्तविक हकदार का राशन बंद करना कतई नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र लक्ष्य पात्रता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाना है। जब सूची से अपात्र और फर्जी नाम हटेंगे, तभी सरकारी खाद्यान्ना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सुगमता से पहुंच सकेगा।
