Indore Double Decker Flyover: मध्य प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में, सितंबर में शुरू होने की उम्मीद
Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया जा रहा प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे पर करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस अत्याधुनिक फ्लाईओवर का एक हिस्सा पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस हिस्से की लोड टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।
फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद इंदौर के लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, इस डबल डेकर फ्लाईओवर से रोजाना करीब दो लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में
Indore लवकुश चौराहे पर बन रहे इस डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में फ्लाईओवर के दूसरे हिस्से की स्लैब डालने की तैयारी चल रही है। निर्माण एजेंसी के अनुसार, जुलाई महीने में स्ट्रक्चर से जुड़े अधिकतर काम पूरे कर लिए जाएंगे।
हालांकि, बारिश के मौसम के कारण डामर की मास्टिंग का काम प्रभावित हो रहा है। फ्लाईओवर की सड़क पर अंतिम परत बिछाने के लिए सूखे मौसम और धूप की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि अब इसके पूरी तरह तैयार होकर आम लोगों के लिए शुरू होने की संभावना सितंबर तक जताई जा रही है।
160 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा प्रोजेक्ट
मध्य प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर को करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य लवकुश चौराहे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है।
इंदौर में लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए इस फ्लाईओवर को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को समय की बचत होगी और जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
निर्माण में हुई देरी
इस फ्लाईओवर का काम पहले अगस्त 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कई कारणों से परियोजना तय समय से पीछे चली गई। निर्माण कंपनी को साइट उपलब्ध कराने और अन्य तकनीकी बाधाओं के कारण काम की शुरुआत में देरी हुई।
इसके बाद दिसंबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, तकनीकी समस्याओं और निर्माण की धीमी गति के कारण यह काम लगभग सात महीने तक पिछड़ गया।
कलेक्टर की सख्ती के बाद बढ़ी रफ्तार
फ्लाईओवर निर्माण में देरी को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया था और निर्माण एजेंसी को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद परियोजना की गति में सुधार आया।
निर्माण कंपनी विजय एम मिस्त्री कंस्ट्रक्शन कंपनी अब काम को पूरा करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी के कारण काम में तेजी आई है और अब परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
दूसरे हिस्से की लोड टेस्टिंग जल्द
फ्लाईओवर के बीच वाले हिस्से में दोनों तरफ बो स्ट्रिंग गर्डर लॉन्च किए जा चुके हैं। एक हिस्से में स्लैब डालने के बाद लोड टेस्टिंग पूरी कर ली गई है।
अब दूसरे हिस्से में स्लैब डालने का काम चल रहा है। इसके लिए सरियों का जाल तैयार किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, 15 जुलाई तक यह काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद अगस्त के शुरुआती दिनों में दूसरे हिस्से की लोड टेस्टिंग भी पूरी कर ली जाएगी।
बारिश के कारण सितंबर तक इंतजार
निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब मौसम की है। फ्लाईओवर पर डामर की अंतिम परत बिछाने के लिए सूखा मौसम जरूरी है। लगातार बारिश के कारण यह काम अभी नहीं किया जा सकता।
ठेकेदार कंपनी का कहना है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, डामर का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद फ्लाईओवर को आम जनता के लिए खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी।
Indore के ट्रैफिक को मिलेगी बड़ी राहत
लवकुश चौराहा इंदौर के प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट्स में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। पीक ऑवर में यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
डबल डेकर फ्लाईओवर शुरू होने के बाद ऊपर और नीचे दोनों स्तरों पर यातायात का संचालन किया जा सकेगा। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को यात्रा में कम समय लगेगा।
Indore के विकास में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। शहरवासियों को अब उम्मीद है कि सितंबर 2026 तक उन्हें प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर की सौगात मिल जाएगी।
