भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की छात्रा की पूरी बकाया फीस माफ कराकर टीसी दिलाई। जानिए पूरी खबर और संगठन की मानवीय पहल।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की बड़ी पहल: छात्रा की टीसी दिलाकर पूरी फीस कराई माफ, परिवार को मिली राहत
भोपाल | 05 जुलाई 2026
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने एक बार फिर मानव सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। संगठन के प्रयासों से आर्थिक रूप से कमजोर एक पीड़ित परिवार की छात्रा की विद्यालय की संपूर्ण बकाया फीस माफ कराई गई तथा उसे स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टी.सी.) उपलब्ध कराया गया। इससे छात्रा अब सरकारी विद्यालय में प्रवेश लेकर अपनी आगे की शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रख सकेगी।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सराहनीय पहल
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट लगातार मानव अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, सामाजिक न्याय और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए कार्य कर रहा है। इसी क्रम में संगठन ने एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बच्ची की शिक्षा को रुकने से बचाते हुए उसकी पूरी बकाया फीस माफ करवाई और विद्यालय से टी.सी. दिलाई।यह पहल समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देने वाली मानी जा रही है।
कैसे सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार का परिचय रेखा जी पटेल के माध्यम से संगठन से हुआ। इसके बाद परिवार ने प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शोम्पा साहा चटर्जी से संपर्क कर अपनी समस्या बताई।परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी बच्ची की पिछले वर्ष की विद्यालय फीस जमा नहीं कर पाए थे। फीस बकाया होने के कारण विद्यालय द्वारा टी.सी. जारी नहीं की जा रही थी, जिससे बच्ची की आगे की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी।
संगठन ने उठाया मानवीय कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शोम्पा साहा चटर्जी, जिला अध्यक्ष श्रीमती ममता यादव एवं जिला अध्यक्ष श्री धनराज सोनकर संबंधित विद्यालय पहुंचे।उन्होंने विद्यालय के संचालक महोदय से मानवीय आधार पर चर्चा करते हुए छात्रा की शिक्षा को ध्यान में रखने का आग्रह किया।
संगठन के प्रयासों और सकारात्मक संवाद के बाद विद्यालय प्रबंधन ने छात्रा की पूरी बकाया फीस माफ करने का निर्णय लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने दिखाई संवेदनशीलता
विद्यालय के संचालक महोदय ने भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की सामाजिक एवं मानवीय सेवाओं की सराहना करते हुए छात्रा को तत्काल स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टी.सी.) जारी कर दिया।इसके साथ ही उन्होंने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
विद्यालय प्रबंधन के इस निर्णय की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।
पीड़ित परिवार ने जताया आभार
टी.सी. मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
परिवार का कहना था कि यदि संगठन समय पर सहायता नहीं करता तो उनकी बच्ची की पढ़ाई रुक जाती। अब वह सरकारी विद्यालय में प्रवेश लेकर अपनी शिक्षा जारी रख सकेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- श्रीमती शोम्पा साहा चटर्जी – प्रदेश प्रवक्ता
- श्रीमती ममता यादव – जिला अध्यक्ष
- श्री धनराज सोनकर – जिला अध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि—
“शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। किसी भी आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए। संगठन का उद्देश्य केवल मानव अधिकारों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद, वंचित एवं पीड़ित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाकर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।”
उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों का संयुक्त संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, शिक्षा, सेवा एवं सहयोग पहुंचाने के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर संदेश देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- राष्ट्रीय संस्थापक – श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव
- राष्ट्रीय संयोजक – डॉ. प्रेम कुमार वैद्य
- राष्ट्रीय सचिव – शिवम तिवारी
- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष – कृष्णा यादव
- राष्ट्रीय मंत्री – रामवेश सिंह राजावत
- राष्ट्रीय महामंत्री – डॉ. हरीश शर्मा
- राष्ट्रीय मंत्री – मनीष गुप्ता
- प्रदेश सचिव – अनीता दुबे
- युवराज सिंह राठौर
- जीवनलाल जैन “चायवाले”
- समस्त राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
सभी ने मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जरूरतमंद परिवारों की हरसंभव सहायता करने का संकल्प दोहराया।
शिक्षा के अधिकार को मिली नई मजबूती
यह पहल केवल एक छात्रा की टी.सी. दिलाने तक सीमित नहीं रही बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि यदि सामाजिक संगठन, विद्यालय और समाज मिलकर कार्य करें तो किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक अभाव के कारण नहीं रुकेगी।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा किया गया यह प्रयास शिक्षा के अधिकार और मानव सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
निष्कर्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने जिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की सहायता करते हुए छात्रा की पूरी फीस माफ कराई और टी.सी. उपलब्ध कराई, वह समाज के लिए एक अनुकरणीय पहल है। संगठन की इस मानवीय पहल से एक बच्ची का भविष्य सुरक्षित हुआ और शिक्षा के अधिकार को नई मजबूती मिली।

