सारंगपुर सिविल अस्पताल में 10 सफल ऑपरेशन कर डॉ. अंकुर देशवाली और उनकी टीम ने नया इतिहास रचा। पहली बार ट्रू-कट गन बायोप्सी, स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर की सफल सर्जरी और नवजात से बुजुर्ग तक मरीजों का निःशुल्क उपचार किया गया।
सारंगपुर सिविल अस्पताल में 10 सफल ऑपरेशन: डॉ. अंकुर देशवाली ने ट्रू-कट गन बायोप्सी और कैंसर संदिग्ध ट्यूमर सर्जरी से रचा इतिहास
सारंगपुर। सारंगपुर सिविल अस्पताल में 10 सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया गया। क्षेत्र के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अंकुर देशवाली के नेतृत्व में अस्पताल की सर्जिकल टीम ने एक ही दिन में नवजात शिशु से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक के कुल 10 जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए। इनमें पहली बार बिना चीरे की अत्याधुनिक ट्रू-कट गन बायोप्सी, स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर (कैंसर संदिग्ध) का सफल मेजर ऑपरेशन तथा कई जटिल सर्जरियां शामिल रहीं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में ओटी इंचार्ज अर्चना खटक, भावना, गौतम जी और रूप सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल में इंदौर से विशेष संसाधन मंगाकर अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया गया।
सारंगपुर सिविल अस्पताल में 10 सफल ऑपरेशन बने मिसाल
सिविल अस्पताल सारंगपुर में आयोजित विशेष सर्जिकल सत्र के दौरान डॉ. अंकुर देशवाली और उनकी टीम ने लगातार कई घंटों तक ऑपरेशन कर दस मरीजों को सफल उपचार प्रदान किया। इन मरीजों में नवजात शिशु, छोटे बच्चे, महिलाएं, युवा एवं बुजुर्ग शामिल रहे।
विशेष बात यह रही कि अस्पताल में पहली बार इंदौर से अत्याधुनिक ट्रू-कट गन मंगाकर बिना चीरे और बिना टांके के बायोप्सी की गई।
स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर से तीन साल बाद मिली राहत
उदनखेड़ी निवासी आजाद पिछले तीन वर्षों से रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर के कारण असहनीय दर्द झेल रहे थे।ट्यूमर के कारण—
- गर्दन में तेज दर्द
- हाथों में खिंचाव
- नसों में लगातार दर्द
- सामान्य जीवन प्रभावित
डॉ. अंकुर देशवाली ने जटिल मेजर सर्जरी कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया।ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज ने राहत महसूस की और वर्षों पुराना दर्द समाप्त हो गया।निकाले गए ट्यूमर को कैंसर सहित अन्य जांच के लिए बायोप्सी लैब भेजा गया है।
पहली बार हुई ट्रू-कट गन बायोप्सी
आज के चिकित्सा शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही ट्रू-कट गन बायोप्सी।महिला मरीज पार्वती बाई के स्तन में बड़ी गांठ थी।डॉ. अंकुर देशवाली ने इंदौर से विशेष ट्रू-कट गन मंगवाकर बिना चीरे और बिना टांके के गांठ का सैंपल लिया।इस प्रक्रिया के बाद मरीज को उसी दिन सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया।यह सारंगपुर सिविल अस्पताल के इतिहास में पहली ऐसी प्रक्रिया रही।
नवजात से लेकर युवाओं तक हुए सफल ऑपरेशन
आज आयोजित विशेष ऑपरेशन सत्र में अलग-अलग आयु वर्ग के मरीजों का सफल इलाज किया गया।
6 दिन की नवजात बच्ची का सफल ऑपरेशन
असलम की 6 दिन की नवजात पुत्री अभीला को पेरी-एनल टैग की समस्या थी।डॉ. अंकुर देशवाली ने एक्सीजन बायोप्सी के माध्यम से सफल ऑपरेशन कर बच्ची को राहत दी।
3 वर्षीय हसनन की दर्दनाक गांठ निकाली
तीन वर्षीय हसनन के मुंह में म्यूकोसा रिटेंशन सिस्ट थी।सफल एक्सीजन प्रक्रिया के माध्यम से गांठ निकाल दी गई।
अक्षा के घुटने से हटाया गया मस्सा
10 वर्षीय बालिका अक्षा के घुटने पर वॉर्ट (मस्सा) था।सर्जिकल प्रक्रिया द्वारा मस्सा पूरी तरह हटाया गया।
कीर्ति के शरीर से निकाली गई कई लाइपोमा गांठें
25 वर्षीय कीर्ति लंबे समय से मल्टीपल लाइपोमा से परेशान थीं।ऑपरेशन कर शरीर की चर्बी की कई गांठों को सुरक्षित निकाला गया।
नसीम के स्तन की गांठ का ऑपरेशन
महिला मरीज नसीम के स्तन पर सीबैसियस सिस्ट थी।सर्जरी कर गांठ निकालकर बायोप्सी के लिए भेजी गई।
भूरीबाई का जटिल लिम्फ नोड ऑपरेशन
महिला मरीज भूरीबाई की कांख में कई लिम्फ नोड्स थे।डॉ. अंकुर देशवाली ने लिम्फ नोड डिसेक्शन कर सैंपल जांच के लिए भेजे।
अस्पताल की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस ऐतिहासिक सर्जिकल सत्र को सफल बनाने में—
- डॉ. अंकुर देशवाली (मुख्य सर्जन)
- अर्चना खटक (ओटी इंचार्ज)
- भावना
- गौतम जी
- रूप सिंह
ने लगातार कई घंटों तक मरीजों का सफल उपचार किया।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सभी 10 मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।सिविल अस्पताल में इंदौर जैसे बड़े शहरों से आधुनिक चिकित्सा संसाधन मंगाकर गरीब एवं मध्यम वर्ग के मरीजों को निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।
क्षेत्र में खुशी की लहर
सारंगपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने डॉ. अंकुर देशवाली और पूरी चिकित्सा टीम के इस कार्य की सराहना की।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार आधुनिक सुविधाएं स्थानीय अस्पतालों में उपलब्ध होती रहीं तो गंभीर मरीजों को बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।

