तपस्वी रत्न पूज्य दर्शनमुनिजी म.सा. का जन्मदिवस 5 जुलाई को नागदा में धार्मिक आयोजनों, नवकार महामंत्र जाप एवं प्रवचनों के साथ मनाया जाएगा। पूज्य प्रकाशमुनिजी म.सा. ने जीवन को स्वस्थ और प्रसन्न रखने के तीन मंत्र—कम खाना, गम खाना और नम जाना—बताए। पढ़ें पूरी खबर।
तपस्वी रत्न पूज्य दर्शनमुनिजी म.सा. का जन्मदिवस आज, धार्मिक आयोजनों के साथ होगा भव्य आयोजन
तपस्वी रत्न पूज्य दर्शनमुनिजी म.सा. का जन्मदिवस रविवार 5 जुलाई को नागदा में श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर नवकार महामंत्र जाप, विशेष धर्मसभा एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूज्य गुरुदेव के जन्मदिवस पर धर्म लाभ प्राप्त करेंगे।
मीडिया प्रभारी नितिन बुड़ावनवाला ने बताया कि जन्मदिवस समारोह के अवसर पर श्रद्धालु नवकार महामंत्र का जाप करेंगे तथा धर्मसभा में पूज्य संतों के प्रेरणादायी प्रवचन होंगे।
जीवन को स्वस्थ रखने के तीन दिव्य मंत्र
जिनशासन रत्नाकर प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री प्रकाशमुनिजी म.सा. ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर ने जीवन को स्वस्थ, सुखी और प्रसन्न रखने के लिए तीन अमूल्य मंत्र दिए हैं—
- कम खाना
- गम खाना
- नम जाना
उन्होंने कहा कि पहला मंत्र शरीर को निरोग रखने का है। व्यक्ति को सदैव अपनी भूख से कम भोजन करना चाहिए तथा तपस्या में उनोदरी तप का पालन करना चाहिए।
दूसरा मंत्र सामाजिक जीवन को सुखमय बनाने का है। यदि परिवार एवं समाज में प्रेम, शांति और खुशहाली चाहिए तो व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों का गम सहन करना सीखना चाहिए।
तीसरा मंत्र जीवन की कठिन परिस्थितियों से जुड़ा है। यदि किसी भी समय विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न हों तो अहंकार छोड़कर विनम्र होकर झुक जाना ही जीवन में सुख, शांति, प्रगति एवं समृद्धि का मार्ग बनता है।
समय का सदुपयोग ही जीवन की सफलता
खांदेश उपप्रवर्तनी महासती श्री सुमनप्रभाजी म.सा. ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में योग, उपयोग और सदुपयोग का विशेष ध्यान रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि नागदा श्रीसंघ को पूज्य प्रवर्तकजी का सान्निध्य प्राप्त हुआ है। यह सौभाग्य का विषय है। इस दुर्लभ अवसर का सदुपयोग कर सभी को धर्म साधना एवं आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
महासती श्री ने कहा कि समय कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता, इसलिए प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए और अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
प्रभावना एवं अतिथ्य का लाभ
धर्मसभा के पश्चात प्रभावना का लाभ श्री अनिलकुमारजी गंभीरमलजी पावेचा परिवार ने प्राप्त किया।अतिथ्य सत्कार का लाभ स्थानकवासी श्रीसंघ ने लिया।कार्यक्रम के अंत में संघ अध्यक्ष सतीश सांवेरवाला ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं, संतों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- 5 जुलाई को मनाया जाएगा जन्मदिवस
- नवकार महामंत्र जाप का आयोजन
- धार्मिक सभा एवं प्रेरक प्रवचन
- पूज्य प्रकाशमुनिजी म.सा. का संदेश
- महासती सुमनप्रभाजी म.सा. का प्रेरक उद्बोधन
- समाजजनों की रहेगी विशेष सहभागिता
Reporter
जीवनलाल जैन
मो.: 9179662633
