सेफ क्लिक 2.0 झकनावदा पुलिस अभियान के तहत Jhabua पुलिस ने झकनावदा, बोलासा और रूपाखेड़ा सहित कई गांवों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए और 1930 हेल्पलाइन की जानकारी दी।
सेफ क्लिक 2.0 झकनावदा पुलिस: गांव-गांव पहुंचकर साइबर सुरक्षा का संदेश, ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए प्रभावी उपाय
झकनावदा (Jhaknavda), जिला Jhabua |
प्रतिनिधि : मनीष कुमट
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 15 दिवसीय “सेफ क्लिक 2.0” साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत Jhabua पुलिस लगातार जिलेभर में नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है। इसी क्रम में झकनावदा पुलिस ने गांव-गांव पहुंचकर साइबर अपराधों से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। धार्मिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में झकनावदा, बोलासा, रूपाखेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
सेफ क्लिक 2.0 अभियान क्या है?
सेफ क्लिक 2.0 मध्यप्रदेश पुलिस का विशेष साइबर जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के दौरान पुलिस ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा रही है।
झकनावदा पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर चलाया जागरूकता अभियान
अभियान के अंतर्गत झकनावदा पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से—
- धार्मिक स्थल
- तहसील कार्यालय झकनावदा
- पुलिस चौकी
- पीएम श्री विद्यालय झकनावदा
- आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बोलासा
- बस स्टैंड
- सार्वजनिक स्थल
- ग्रामीण क्षेत्र
शामिल रहे।पुलिस अधिकारियों ने लोगों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी।
नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए महत्वपूर्ण उपाय
कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को निम्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई—
- फर्जी बैंक कॉल
- केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी
- यूपीआई फ्रॉड
- सोशल मीडिया हैकिंग
- फर्जी निवेश योजनाएं
- ओटीपी शेयर करने का खतरा
- स्क्रीन शेयरिंग एप से होने वाली ठगी
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के नुकसान
- डिजिटल पेमेंट सुरक्षा
चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड अथवा यूपीआई पिन साझा नहीं करना चाहिए।
साइबर अपराध होने पर तुरंत करें शिकायत
झकनावदा पुलिस ने नागरिकों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो तुरंत—
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें।
- निकटतम पुलिस थाना या पुलिस चौकी से संपर्क करें।
समय पर शिकायत दर्ज कराने से राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
विद्यार्थियों, महिलाओं एवं ग्रामीणों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, महिलाओं, अभिभावकों, व्यापारियों एवं ग्रामीण नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुलिस ने संवादात्मक तरीके से लोगों के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उन्हें डिजिटल सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक सुझाव दिए।
चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया ने की विशेष अपील
चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया ने कहा कि—
“वर्तमान डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। थोड़ी-सी सतर्कता नागरिकों को बड़े आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचा सकती है।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें तथा बिना पुष्टि किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
झाबुआ पुलिस का अभियान रहेगा लगातार जारी
झाबुआ पुलिस ने स्पष्ट किया कि सेफ क्लिक 2.0 अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाना तथा सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल समाज का निर्माण करना है।
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की सलाह
- ओटीपी किसी से साझा न करें।
- यूपीआई पिन गोपनीय रखें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- अनजान नंबरों से आए वीडियो कॉल से सावधान रहें।
- बैंक कभी फोन पर ओटीपी नहीं मांगता।
- सोशल मीडिया अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।


