महाविद्यालय प्रवेशोत्सव Nagda 2026 के तहत स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय नागदा में दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी, मुख्य अतिथि डॉ. रोहित यादव एवं शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, एंटी रैगिंग, मानसिक स्वास्थ्य और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
महाविद्यालय प्रवेशोत्सव Nagda 2026: नए विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, शिक्षा के साथ संस्कारों का दिया संदेश
संवाददाता: जीवनलाल जैन, Nagda
दिनांक: 02 जुलाई 2026
Nagda । महाविद्यालय प्रवेशोत्सव Nagda 2026 के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा में उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित दीक्षारंभ एवं प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के साथ हुई। कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा, अनुशासन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, मानसिक स्वास्थ्य, एंटी रैगिंग तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
दीप प्रज्वलन एवं अतिथि स्वागत
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जनसेवा ट्रस्ट बिरलाग्राम से डॉ. रोहित यादव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. सुनील कुमार प्रसाद ने मुख्य अतिथि डॉ. रोहित यादव का माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया।
महाविद्यालय प्रवेशोत्सव नागदा 2026 में प्राचार्य ने दिया अनुशासन का संदेश
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. पी. भास्कर रेड्डी ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित कॉलेज चलो अभियान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने का सफल और अभिनव प्रयास है।उन्होंने कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला है। विद्यार्थियों को अनुशासन, समयबद्धता एवं नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।उन्होंने यह भी बताया कि महाविद्यालय की विभिन्न समितियां तथा सभी प्राध्यापक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे।
डॉ. रोहित यादव ने विद्यार्थियों को दिया तनावमुक्त जीवन का संदेश
मुख्य अतिथि डॉ. रोहित यादव ने अपने उद्बोधन की शुरुआत “पहला सुख निरोगी काया” के सूत्र वाक्य से करते हुए विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया।उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तनाव जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन विद्यार्थियों को तनाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए।उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि यदि किसी प्रकार की मानसिक परेशानी या तनाव हो तो परिवार, मित्रों एवं शिक्षकों से खुलकर चर्चा करें।उन्होंने कहा कि असफलता कभी भी अंतिम मंजिल नहीं होती बल्कि सफलता की पहली सीढ़ी होती है। प्रत्येक विद्यार्थी को असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सहायक प्राध्यापक प्रांजल रंजन अवस्थी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने विद्यार्थियों को Academic Bank of Credit (ABC), APAAR ID, बहुविषयक शिक्षा व्यवस्था, क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली एवं इंटर्नशिप के महत्व को विस्तार से समझाया।उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एंटी रैगिंग एवं छात्र आचरण संहिता की दी जानकारी
क्रीड़ाधिकारी डॉ. कृष्णपाल सिंह नरूका ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय में लागू एंटी रैगिंग संबंधी नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी दी।उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय परिसर में रैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा सभी विद्यार्थियों को भयमुक्त एवं सकारात्मक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।उन्होंने छात्र आचरण संहिता, अनुशासन एवं लैंगिक समानता पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
संचालन एवं आभार
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. मिति शर्मा ने किया जबकि अंत में सहायक प्राध्यापक सचिन तिवारी ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्राध्यापकों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शिक्षा के साथ संस्कारों का भी मिला संदेश
महाविद्यालय प्रवेशोत्सव Nagda 2026 केवल नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ नहीं रहा बल्कि विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार, मानसिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एंटी रैगिंग और व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करने का प्रभावी मंच भी बना।
महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि उनकी शैक्षणिक, व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक उन्नति के लिए संस्थान हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
रिपोर्ट:
जीवनलाल जैन, Nagda
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