अग्निवीर श्रवण कुमार स्वागत समारोह में सीहोर जिले के ग्राम खाचरोद और बापचा बरामद में हजारों ग्रामीणों ने किसान पुत्र अग्निवीर श्रवण कुमार ठाकुर और 18 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवा देने वाले राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा का ऐतिहासिक सम्मान किया। पढ़ें पूरी खबर।
अग्निवीर श्रवण कुमार स्वागत: किसान के बेटे ने बढ़ाया क्षेत्र का गौरव, 18 वर्ष तक देश सेवा करने वाले सैनिक राजेंद्र प्रसाद का भी हुआ ऐतिहासिक सम्मान
रिपोर्ट: अनीस कुमार | खाचरोद (सीहोर)
सीहोर। अग्निवीर श्रवण कुमार स्वागत समारोह के दौरान बुधवार को सीहोर जिले की आष्टा तहसील के ग्राम खाचरोद में देशभक्ति, सम्मान और गौरव का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। एक ओर ग्राम बापचा बरामद के किसान परिवार के बेटे श्रवण कुमार पुत्र कृष्णपाल ठाकुर सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण कर अग्निवीर के रूप में पहली बार अपने गृह क्षेत्र पहुंचे, तो दूसरी ओर ग्राम उदयपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद पुत्र हजारी लाल विश्वकर्मा भारतीय सेना में 18 वर्षों तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव लौटे। दोनों वीर सपूतों के सम्मान में हजारों ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर पूरे क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
ग्राम खाचरोद बस स्टैंड पर दोनों सैनिकों के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा, भारत माता के जयघोष और फूल-मालाओं के बीच दोनों वीरों का ऐतिहासिक अभिनंदन किया गया।
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने किया भव्य स्वागत
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला अध्यक्ष रेवा शंकर जाट ने बताया कि किसान परिवार से आने वाले श्रवण कुमार ठाकुर ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और देशभक्ति के बल पर अग्निवीर के रूप में चयन प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सपना साकार किया है बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है। उन्होंने कहा कि श्रवण कुमार आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
किसान परिवार के बेटे की सफलता पर गांव में उत्सव जैसा माहौल
ग्राम बापचा बरामद में जैसे ही अग्निवीर श्रवण कुमार पहुंचे, पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया तथा भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा।ग्रामीणों ने कहा कि किसान परिवार से निकलकर देश सेवा का अवसर प्राप्त करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। युवाओं को श्रवण कुमार से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
18 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवा देने वाले राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा का भी हुआ सम्मान
ग्राम उदयपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद पुत्र हजारी लाल विश्वकर्मा भारतीय सेना में लगभग 18 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव लौटे। उनके सम्मान में भी ग्रामीणों ने ऐतिहासिक स्वागत समारोह आयोजित किया।ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर, साफा बांधकर और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। वक्ताओं ने कहा कि सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों वीर सपूतों का अभिनंदन
ग्राम खाचरोद में आयोजित स्वागत समारोह में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि एक ओर अग्निवीर श्रवण कुमार देश सेवा की नई शुरुआत कर रहे हैं तो दूसरी ओर राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा ने वर्षों तक राष्ट्र सेवा कर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने दोनों सैनिक
ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में युवाओं को मोबाइल और सोशल मीडिया से आगे बढ़कर देश सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए। श्रवण कुमार ठाकुर और राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा दोनों ही युवाओं के लिए आदर्श हैं।
देश सेवा करने वालों का सम्मान समाज का कर्तव्य
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने कहा कि सैनिक केवल अपने परिवार के नहीं बल्कि पूरे देश के गौरव होते हैं। ऐसे वीर सपूतों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि गांवों से निकलकर देश की रक्षा करने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन होगा तो आने वाले समय में और भी युवा सेना में भर्ती होकर राष्ट्र सेवा का संकल्प लेंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रहे उपस्थित
स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला अध्यक्ष रेवा शंकर जाट सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने दोनों वीर सपूतों का पुष्पमालाओं से सम्मान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
देशभक्ति का बना यादगार उदाहरण
ग्राम खाचरोद, बापचा बरामद और उदयपुर में आयोजित यह सम्मान समारोह क्षेत्र में देशभक्ति और सैनिक सम्मान का यादगार उदाहरण बन गया। हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों सैनिकों का सम्मान यह संदेश देता है कि देश सेवा करने वालों के प्रति समाज का सम्मान सदैव सर्वोच्च रहेगा।
