ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा में 22 सरकारी विभागों ने एक ही स्थान पर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया। 8 भूमि बंटवारे, 4 शुद्धि पत्र, आवास स्वीकृति और पशु बीमा सहित कई मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ। पढ़ें पूरी खबर।
ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा: 22 विभागों ने एक ही छत के नीचे सुलझाईं ग्रामीणों की समस्याएं
भीनमाल | संवाददाता : मुकेश सोलंकी
ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा का आयोजन सोमवार को राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत भागल सेफ्टा में सफलतापूर्वक किया गया। शिविर में उपखंड प्रशासन सहित 22 सरकारी विभागों ने भाग लेकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। वर्षों से लंबित कई मामलों का निस्तारण होने से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आयोजित इस ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और आमजन की समस्याओं का एक ही स्थान पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराना रहा।
उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा
शिविर का संचालन शिविर प्रभारी मोहित कासनिया (IAS) के निर्देशन में किया गया। इस दौरान उपखंड अधिकारी भीनमाल मोहित कासनिया (IAS), भीखदान चारण (तहसीलदार भीनमाल), मीठाराम जोशी (नायब तहसीलदार भीनमाल) तथा राजकुमार (विकास अधिकारी पंचायत समिति भीनमाल एवं प्रशासक ग्राम पंचायत भागल सेफ्टा) विशेष रूप से उपस्थित रहे।सभी अधिकारियों ने शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
राजस्व विभाग ने वर्षों पुराने विवाद सुलझाए
ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा के दौरान राजस्व विभाग ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए आपसी सहमति से भूमि बंटवारे के 8 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया। इन मामलों के समाधान से कई परिवारों के वर्षों पुराने विवाद समाप्त हो गए।इसके अलावा राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 136 के अंतर्गत 4 शुद्धि पत्र भी जारी किए गए, जिससे संबंधित लोगों को बड़ी राहत मिली।
पंचायती राज विभाग ने दी बड़ी सौगात
शिविर के दौरान पंचायती राज विभाग ने जरूरतमंद परिवार के लिए एक आवास स्वीकृत किया। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थी को योजना की जानकारी देते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई।ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है।
पशुपालकों को मिला बीमा योजना का लाभ
पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित स्टॉल पर मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत दो पशुपालकों को बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया।अधिकारियों ने पशुपालकों को पशुधन सुरक्षा, पशु स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी।
22 विभागों ने दी योजनाओं की जानकारी
ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा में कुल 22 सरकारी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। इन विभागों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं और अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान प्राप्त किया।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
शिविर के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता के साथ किया जाए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और प्रशासन का जताया आभार
ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा में एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे शिविरों से बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मौके पर ही समस्याओं का समाधान होने से समय और धन दोनों की बचत होती है।ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, शिविर प्रभारी मोहित कासनिया (IAS), तहसीलदार भीखदान चारण, नायब तहसीलदार मीठाराम जोशी तथा विकास अधिकारी राजकुमार सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
ग्रामीण सेवा शिविर भागल सेफ्टा ने यह साबित किया कि यदि प्रशासन और विभिन्न विभाग एक मंच पर मिलकर कार्य करें तो आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं का भी त्वरित समाधान संभव है। भूमि विवादों के निस्तारण, आवास स्वीकृति, शुद्धि पत्र जारी करने, पशु बीमा वितरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसी सेवाओं ने ग्रामीणों को राहत पहुंचाई। स्थानीय लोगों ने ऐसे शिविरों का नियमित आयोजन करने की मांग भी की।

