मुनि श्री प्रमाण सागर जी अवतरण दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। शिखर जी स्थित विश्व प्रसिद्ध गुणायतन में विशेष प्रवचन, धार्मिक कार्यक्रम एवं श्रद्धालुओं ने संयम और आत्मकल्याण का संकल्प लिया। पढ़ें पूरी खबर।
मुनि श्री प्रमाण सागर जी अवतरण दिवस श्रद्धा-भक्ति से मनाया गया
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू | इंदौर
मुनि श्री प्रमाण सागर जी अवतरण दिवस पूरे धार्मिक उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। विश्व प्रसिद्ध शिखर जी गुणायतन में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने भाग लेकर धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश ग्रहण किया।
शंका समाधान प्रणेता एवं विश्व प्रसिद्ध गुणायतन जनक परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर विशेष प्रवचन, पूजा-अर्चना, धार्मिक कार्यक्रम एवं गुरुभक्ति के विविध आयोजन संपन्न हुए।
गुणायतन में हुए विशेष धार्मिक आयोजन
मुनि श्री प्रमाण सागर जी अवतरण दिवस के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध गुणायतन परिसर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
श्रद्धालुओं ने गुरुचरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा मुनि श्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
राजेश जैन दद्दू ने दिया प्रेरणादायक संदेश
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज का सम्पूर्ण जीवन संयम, तप, त्याग और करुणा की अद्भुत मिसाल है।उन्होंने कहा कि मुनि श्री के उपदेश समाज को अहिंसा, सत्य, सदाचार एवं आत्मकल्याण की दिशा में प्रेरित करते हैं।
उन्होंने आगे कहा—
“मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज का आशीर्वाद सम्पूर्ण समाज पर सदैव बना रहे। उनका जीवन हम सभी के लिए आदर्श है। ऐसे पावन अवसर हमें धर्म से जुड़ने तथा आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।”
डॉ. जैनेन्द्र जैन ने कही महत्वपूर्ण बात
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने कहा कि गुरुदेव के प्रवचनों से श्रद्धालुओं की शंकाओं का समाधान होता है तथा आत्मा को ज्ञान का प्रकाश प्राप्त होता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मुनि श्री के विचार समाज को नैतिकता, संस्कार और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा प्रदान कर रहे हैं।
समाजजनों ने लिया धर्म मार्ग पर चलने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित समाजजनों ने मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज द्वारा बताए गए संयम, सदाचार, अहिंसा और आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कारों को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं जैन धर्म की महान परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
निष्कर्ष
मुनि श्री प्रमाण सागर जी अवतरण दिवस केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि आत्मचिंतन, आत्मकल्याण और आध्यात्मिक जागरण का पावन अवसर है। शिखर जी स्थित विश्व प्रसिद्ध गुणायतन में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम बना, जिसमें समाज के अनेक लोगों ने भाग लेकर गुरुदेव के संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

