Indore-खंडवा-एदलाबाद राजमार्ग: सिमरोल फ्लाईओवर सितंबर तक होगा पूरा, सर्विस रोड की मरम्मत जारी
Indore-खंडवा-एदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को सिमरोल फ्लाईओवर के पूर्ण रूप से तैयार होने के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा। पहले इस फ्लाईओवर को जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर सितंबर कर दी गई है। निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण अब इस परियोजना के पूरे होने की नई डेडलाइन सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद ही इस मार्ग पर दोनों दिशाओं से वाहनों का निर्बाध आवागमन शुरू हो सकेगा।
निर्माण कार्य में तेजी, फिर भी बारिश बनी बाधा
फ्लाईओवर का निर्माण कार्य मेघा इंजीनियरिंग द्वारा किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण एजेंसी को लगभग 50 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद कार्य की गति तेज कर दी गई है।
हालांकि, क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश ने निर्माण कार्य की रफ्तार पर असर डाला है। इसके बावजूद एजेंसी द्वारा कार्य को समय पर पूरा करने के प्रयास जारी हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार सिमरोल फ्लाईओवर का लगभग 20 प्रतिशत कार्य अभी शेष है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फ्लाईओवर के साथ सर्विस रोड सुधार कार्य भी जारी
फ्लाईओवर के साथ-साथ आसपास की सर्विस रोड की मरम्मत का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। चोरल और महू जाने वाले मार्गों पर सड़कों के गड्ढों को भरा जा रहा है, ताकि आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सर्विस रोड की मरम्मत के साथ-साथ सड़क की सतह को भी बेहतर बनाने का काम चल रहा है। कई स्थानों पर सीमेंट की अतिरिक्त परत बिछाई जानी है, जिससे सड़क की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
तीन प्रमुख फ्लाईओवर पहले ही शुरू
Indore-खंडवा-एदलाबाद राजमार्ग, जो लगभग 216 किलोमीटर लंबा है, धीरे-धीरे अपने निर्माण कार्य के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है। तेजाजी नगर से दतोदा के बीच बनाए गए तीन प्रमुख फ्लाईओवर—चमेलीदेवी, चौखी ढाणी और दतोदा—पहले ही चालू कर दिए गए हैं।
इन फ्लाईओवरों के शुरू होने से इस मार्ग पर यातायात दबाव में काफी कमी आई है और यात्रियों को पहले की तुलना में बेहतर और सुगम यात्रा अनुभव मिल रहा है। हालांकि इन फ्लाईओवरों पर अभी भी कुछ कार्य जैसे डिवाइडर निर्माण और लाइटिंग पोल लगाने का काम बाकी है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
परियोजना में लगातार देरी, अब तक नहीं हुआ पूरा काम
यह राजमार्ग परियोजना लगभग साढ़े तीन वर्षों में पूरी की जानी थी, लेकिन चार वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद यह अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। इसके बावजूद कई हिस्सों में सड़क सुविधा में सुधार हुआ है और यातायात पहले से अधिक सुगम हुआ है।
एनएचएआई और निर्माण एजेंसी के अनुसार, बारिश और तकनीकी कारणों से कार्य में देरी हुई है, लेकिन अब इसे तेजी से पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
सिमरोल फ्लाईओवर की स्थिति और आगे की योजना
सिमरोल फ्लाईओवर पर वर्तमान में अंतिम चरण का काम चल रहा है। सड़क पर सीमेंट की अंतिम परत बिछाने का कार्य बाकी है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में सड़क सुधार और सौंदर्यीकरण का कार्य भी जारी है।
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, सितंबर तक फ्लाईओवर को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद तेजाजी नगर से सिमरोल तक का पूरा मार्ग और अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
साथ ही, बारिश के मौसम में सड़क किनारों पर पौधारोपण और डिवाइडर का काम भी किया जाएगा, जिससे इस मार्ग की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन दोनों में सुधार होगा।
सुरंग निर्माण कार्य भी जारी, अक्टूबर तक एक सुरंग तैयार होने की उम्मीद
इस राजमार्ग पर केवल फ्लाईओवर ही नहीं, बल्कि तीन सुरंगों का निर्माण भी किया जा रहा है। तलाई क्षेत्र की एक सुरंग पहले अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुरंग के अंदर वाटरप्रूफिंग का कार्य चल रहा है, जिसमें लगभग दो महीने का समय और लगने की संभावना है। इसके साथ ही वायडक्ट निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, अगले वर्ष जनवरी से फरवरी के बीच बाइग्राम और चोरल क्षेत्र की अन्य सुरंगों का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यह पूरा मार्ग अधिक सुरक्षित और आधुनिक बन जाएगा।
भविष्य में यात्रा होगी और आसान
सभी निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद Indore-खंडवा मार्ग पर यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। यह राजमार्ग न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को भी नई गति देगा।
फिलहाल यात्रियों को निर्माण कार्य के चलते कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आने वाले समय में यह परियोजना पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा साबित होगी।
