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साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी

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Published On: 26 June 2026
साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी

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साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी

तीसरे दिन 3000 से अधिक नागरिकों और विद्यार्थियों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी

स्वराज वाणी से मनीष कुमट

झाबुआ। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे 15 दिवसीय साइबर जागरूकता अभियान “Safe Click 2.0” के तहत झाबुआ जिले में भी लगातार व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान 24 जून 2026 से शुरू हुआ है और इसका उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखना है।

झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में जिलेभर के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए सक्षम बनाना है।

तीसरे दिन विभिन्न स्थानों पर चला जागरूकता अभियान

अभियान के तीसरे दिन जिले में रक्षा सखी टीम और साइबर जागरूकता रथ के माध्यम से विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए गए। डीआरपी चौराहा, रोटला, कालीदेवी सहित कई क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने नागरिकों से संवाद किया और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

इस दौरान व्यापारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय विस्तार से समझाए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आज के डिजिटल युग में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान लोगों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी
  • फिशिंग अटैक
  • फर्जी लिंक और मैसेज
  • OTP और KYC फ्रॉड
  • सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग
  • डिजिटल पेमेंट फ्रॉड
  • पहचान की चोरी

पुलिस टीम ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी, OTP, पासवर्ड या UPI पिन साझा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी पूरी जांच करना आवश्यक बताया गया।

शैक्षणिक संस्थानों में भी हुए कार्यक्रम

अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में सेमिनार, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में छात्रों को साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए गए।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

NCRP और हेल्पलाइन 1930 की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

पुलिस ने बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर संपर्क करने या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से कार्रवाई तेज होती है और ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

3000 से अधिक लोगों को किया गया जागरूक

अभियान के तीसरे दिन जिलेभर में विभिन्न प्रकार की जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बताया गया कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है और छोटी सी लापरवाही भी बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

इन गतिविधियों के माध्यम से लगभग 3000 से अधिक नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों जैसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, सतर्क रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई गई, ताकि साइबर अपराधों से सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।

पुलिस की अपील

झाबुआ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी निवेश योजना, सोशल मीडिया फ्रॉड या साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत सतर्क हो जाएं और बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

पुलिस ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज करने से अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव होती है और आर्थिक नुकसान को भी रोका जा सकता है।

साथ ही पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करें, ताकि एक सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त भारत का निर्माण किया जा सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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