Indore: पॉश कॉलोनी में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन मंजिला मकान से भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद
Indore में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह अवैध फैक्ट्री शहर की एक पॉश कॉलोनी तुलसी नगर में तीन मंजिला मकान के अंदर संचालित की जा रही थी। छापेमारी के दौरान विभाग ने मौके से भारी मात्रा में नकली शराब, पैकिंग सामग्री, मशीनें और विभिन्न ब्रांडों के फर्जी लेबल जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
तीन मंजिला मकान में चल रहा था अवैध कारोबार
Indore आबकारी विभाग की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने घर को ही नकली शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री में बदल दिया था। तुलसी नगर स्थित इस तीन मंजिला मकान में अत्याधुनिक मशीनें लगाकर देशी और नामी ब्रांड्स की नकली शराब तैयार की जा रही थी।
यह पूरा काम बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था, जिसमें शराब बनाने से लेकर उसकी पैकिंग और ब्रांडेड बोतलों में भरने तक की प्रक्रिया घर के अंदर ही पूरी की जाती थी।
गोपनीय निगरानी के बाद की गई छापेमारी
आबकारी विभाग को लंबे समय से इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद विभाग ने तीन दिनों तक गोपनीय निगरानी और रैकी की। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने मकान पर छापा मारा और नकली शराब फैक्ट्री का खुलासा किया।
छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी काफी समय से इस अवैध धंधे को चला रहा था और इसे पूरी तरह घरेलू सेटअप के रूप में छुपाकर रखा गया था।
144 बल्क लीटर शराब और भारी सामग्री बरामद
कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम ने बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की। मौके से लगभग 144 बल्क लीटर देशी शराब बरामद की गई, जो 16 पेटियों में भरी हुई थी।
इसके अलावा छापेमारी में निम्न सामग्री भी बरामद की गई:
- स्प्रिट और कैरेमल (शराब बनाने में उपयोग होने वाले रसायन)
- पैकिंग सामग्री और बोतल कैप
- विभिन्न ब्रांडों के हजारों फर्जी लेबल
- नकली होलोग्राम स्टिकर
- शराब पैक करने के लिए कार्टून बॉक्स
- दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें और अन्य उपकरण
इन सभी सामग्रियों का उपयोग नकली ब्रांडेड शराब तैयार करने और उसे असली दिखाकर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।
नामी ब्रांड्स की नकल कर बेचता था शराब
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विभिन्न नामी ब्रांड्स के लेबल और होलोग्राम का इस्तेमाल कर नकली शराब तैयार करता था। इन उत्पादों को असली ब्रांडेड शराब के रूप में बाजार में सप्लाई किया जाता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान में बिकने वाले ब्रांड्स के लेबल और पैकेजिंग सामग्री का भी उपयोग कर रहा था। इससे आशंका जताई जा रही है कि वह सीमावर्ती राज्यों में भी इस नकली शराब की सप्लाई कर रहा था।
राजस्थान तक सप्लाई का शक
बरामद सामग्री से यह संकेत मिले हैं कि यह पूरा नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं था। विभिन्न राज्यों में उपयोग होने वाले लेबल और पैकेजिंग सामग्री मिलने से यह संभावना जताई जा रही है कि नकली शराब की सप्लाई राजस्थान जैसे अन्य राज्यों तक भी की जा रही थी।
आबकारी विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है शराब
अधिकारियों ने बताया कि मौके से जब्त की गई शराब के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि इसमें हानिकारक रसायनों का उपयोग किया गया हो सकता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि शराब में किस प्रकार के केमिकल और मिलावट की गई थी। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आबकारी विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस अवैध कारोबार में कोई संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नकली शराब की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों और किन माध्यमों से की जा रही थी।
निष्कर्ष
Indore की पॉश कॉलोनी में नकली शराब फैक्ट्री का खुलासा प्रशासन के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। तीन मंजिला मकान के अंदर इस तरह के अवैध कारोबार का चलना सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।
