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भाजपा प्रदेश कार्यसमिति 2026: बड़ी जीत, ज्योतिरादित्य सिंधिया 8 समर्थकों को दिला पाए स्थान, ग्वालियर-चंबल को 20% हिस्सेदारी

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Published On: 23 June 2026

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भाजपा प्रदेश कार्यसमिति 2026 की 106 सदस्यीय सूची जारी। ग्वालियर-चंबल अंचल को 20% हिस्सेदारी मिली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 8 समर्थकों को कार्यसमिति में स्थान दिलाने में सफल रहे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति 2026: बड़ी जीत, ज्योतिरादित्य सिंधिया 8 समर्थकों को दिला पाए स्थान, ग्वालियर-चंबल को 20% हिस्सेदारी

ग्वालियर। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति 2026 की बहुप्रतीक्षित घोषणा मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा कर दी गई। 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति में ग्वालियर-चंबल अंचल को उल्लेखनीय प्रतिनिधित्व मिला है। नई सूची के अनुसार अंचल से 21 नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में स्थान दिया गया है, जो कुल सदस्यों का लगभग 20 प्रतिशत है।

राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 8 समर्थकों को प्रदेश कार्यसमिति में स्थान दिलाने में सफल रहे हैं। इससे प्रदेश भाजपा संगठन में सिंधिया समर्थक गुट की मजबूत उपस्थिति दर्ज हुई है।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति 2026 की घोषणा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार को 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की। नई कार्यसमिति में प्रदेश के सभी प्रमुख क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल अंचल को बड़ी हिस्सेदारी मिली है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आगामी चुनावी रणनीति में इस क्षेत्र को भाजपा विशेष महत्व देने जा रही है।

ग्वालियर-चंबल अंचल को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व

प्रदेश कार्यसमिति में ग्वालियर-चंबल संभाग के 21 नेताओं को शामिल किया गया है। यह संख्या कुल कार्यसमिति का लगभग 20 प्रतिशत है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र भाजपा के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। इस क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के उद्देश्य से क्षेत्रीय नेताओं को प्राथमिकता दी गई है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की बढ़ी संगठनात्मक ताकत

नई कार्यसमिति में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि उनके करीब 8 समर्थकों को प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिला है।संगठन के भीतर इसे सिंधिया की बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार यह चर्चा होती रही है कि संगठन में उनकी भूमिका और प्रभाव कितना है। नई सूची ने इन चर्चाओं को नया आयाम दे दिया है।

सूची में चौथे स्थान पर सिंधिया का नाम

राजनीतिक गलियारों में हमेशा यह चर्चा होती रही है कि भाजपा की आधिकारिक सूचियों में ज्योतिरादित्य सिंधिया का स्थान अपेक्षाकृत नीचे रहता है।कांग्रेस में रहते हुए उनका नाम अक्सर दूसरे या तीसरे क्रम पर दिखाई देता था, जबकि भाजपा में उन्हें सातवें या आठवें स्थान पर रखा जाता था। लेकिन इस बार जारी सूची में सिंधिया का नाम चौथे स्थान पर रखा गया है।इसे भाजपा संगठन में उनकी बढ़ती स्वीकार्यता और महत्व का संकेत माना जा रहा है।

डॉ. मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान और वीरेंद्र कुमार खटीक को भी स्थान

प्रदेश कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।इन नेताओं की उपस्थिति प्रदेश संगठन को अनुभव और नेतृत्व दोनों स्तरों पर मजबूती प्रदान करेगी।

पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की प्रदेश राजनीति में वापसी

नई कार्यसमिति की सबसे चर्चित बातों में से एक पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की वापसी भी रही।लंबे समय बाद उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से यह संकेत मिला है कि भाजपा अनुभवी नेताओं को फिर से सक्रिय भूमिका में लाने की रणनीति पर काम कर रही है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनूप मिश्रा की वापसी से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा संगठन को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।

आगामी चुनावों के लिए भाजपा की रणनीति

प्रदेश कार्यसमिति की नई संरचना को आगामी चुनावों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा संगठन को मजबूत करने, क्षेत्रीय नेताओं को प्रतिनिधित्व देने और विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश इस सूची में साफ दिखाई देती है।ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व आगामी चुनावों में उनके प्रभाव का लाभ उठाना चाहता है।

राजनीतिक महत्व

नई कार्यसमिति की घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा प्रदेश संगठन में ग्वालियर-चंबल अंचल की भूमिका पहले से अधिक मजबूत हुई है।ज्योतिरादित्य सिंधिया का बढ़ता प्रभाव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व, शिवराज सिंह चौहान का अनुभव और क्षेत्रीय नेताओं को मिला प्रतिनिधित्व आने वाले समय में प्रदेश भाजपा की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

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