समरसता यज्ञ Bhinmal के 173वें आयोजन में दर्जनों लोगों ने शराब, गुटखा, बीड़ी और मांसाहार छोड़ने का संकल्प लिया। सनातन संस्कृति जागरण संघ का घर-घर यज्ञ अभियान सामाजिक समरसता, व्यसन मुक्ति और हिंदू समाज के संगठन का संदेश दे रहा है।
समरसता यज्ञ भीनमाल: 173वें यज्ञ में दर्जनों लोगों ने लिया व्यसन मुक्ति का संकल्प
Bhinmal (मुकेश सोलंकी)। समरसता यज्ञ भीनमाल के अंतर्गत स्थानीय सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा रविवार शाम शहर के गायत्री नगर में अपने 173वें यज्ञ का आयोजन किया गया। संगठन द्वारा संचालित घर-घर यज्ञ अभियान के माध्यम से समरस, समरूप, एकरूप एवं व्यसन मुक्त संगठित हिंदू समाज की स्थापना का संदेश दिया जा रहा है।
173वें समरसता यज्ञ का आयोजन
संघ के वरिष्ठ सदस्य ओटाराम मेघवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस यज्ञ में उत्तम सुथार सपत्नीक मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। उनके साथ परिवारजनों तथा बस्ती के अनेक लोगों ने यज्ञ कुंड पर बैठकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति प्रदान की।समरसता यज्ञ भीनमाल में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और बच्चों ने भी भाग लिया। आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
व्यसन मुक्ति का लिया संकल्प
यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात यज्ञ वेदी को साक्षी मानकर दर्जनों लोगों ने शराब, बीड़ी, गुटखा, तंबाकू और मांसाहार जैसे व्यसनों को छोड़ने का संकल्प लिया।संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में समरसता यज्ञ भीनाल जैसे कार्यक्रम लोगों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं।यज्ञ के बाद सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से चाय, पानी एवं जलपान ग्रहण किया, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश मजबूत हुआ।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित विचार-विमर्श में युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की लत को समाप्त करने और उन्हें नैतिक मूल्यों तथा अध्यात्म से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा हुई।लक्ष्मणसिंह जाट एवं पारसमल बंजारा ने समाज में व्यसन मुक्ति और जागरूकता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उपस्थित सभी लोगों ने उनके सुझावों का समर्थन किया और भविष्य में ऐसे अभियान को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।
समाज में समरसता का संदेश
समरसता यज्ञ भीनमाल का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।सनातन संस्कृति जागरण संघ का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता स्थापित की जा सकती है।इस अवसर पर बस्ती के कई परिवार संगठन से जुड़े और उन्होंने समाज हित में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी निभाने का भरोसा दिलाया।
घर-घर यज्ञ अभियान की उपलब्धियां
संगठन के मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि सनातन संस्कृति जागरण संघ पिछले लंबे समय से शहर और आसपास के क्षेत्रों में घर-घर यज्ञ अभियान चला रहा है।इस अभियान के माध्यम से:
- सैकड़ों लोगों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया।
- मांसाहार त्यागने के लिए प्रेरणा प्राप्त की।
- सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला।
- हिंदू समाज में संगठन और एकता मजबूत हुई।
- युवाओं में नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ी।
उन्होंने बताया कि हर सप्ताह अलग-अलग बस्तियों में यज्ञ आयोजित कर राष्ट्र, समाज और धर्म की रक्षा का संदेश दिया जाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिक
समरसता यज्ञ Bhinmal के दौरान सुरेश सुथार, संपतलाल सोनी, वालाराम मौर्य, पारसमल बंजारा, उत्तम सुथार, ओटाराम मेघवाल, मोहनलाल सेन, भंवरलाल माली, वचनाराम माली, गोपाराम सुन्देशा, लक्ष्मणसिंह, फगलूराम मेघवाल, शोभापुरी गोस्वामी, ताराचंद फुलवरिया, सुखराज माली, सोमताराम माली, रमेश माली, मनीष सुथार, दिनेश सुन्देशा, आर्य राहुल बंजारा, आर्य अक्षय बंजारा, हेमंत जीनगर, शिवम आर्य, महेंद्र जीनगर, दिव्यांश गहलोत, राहुल बंजारा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।यज्ञ का संचालन राव विक्रम सिंह आर्य द्वारा वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया।
समरसता यज्ञ Bhinmal बना जनजागरण का माध्यम
समरसता यज्ञ भीनमाल आज केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनता जा रहा है। घर-घर यज्ञ अभियान के जरिए व्यक्ति से व्यक्ति और समाज से समाज को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि नगर में इस अभियान की एक अलग पहचान बन चुकी है।संगठन का मानना है कि यदि समाज नशामुक्त, संस्कारित और संगठित बनेगा तो राष्ट्र भी मजबूत होगा। इसी उद्देश्य के साथ यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है और सकारात्मक परिणाम समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
