MP UCC विवाद को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। UCC, महंगाई और घुसपैठ के मुद्दे पर सवाल उठाए, वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया पलटवार। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
MP UCC विवाद: जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, UCC, महंगाई और घुसपैठ पर उठाए सवाल
भोपाल। MP UCC विवाद को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि UCC ऐसा विषय है जो सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और इसे लागू करने से पहले इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक प्रभावों का गहन अध्ययन किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर गठित समिति की बैठक के बाद प्रतिक्रिया देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है, वहां इसके क्या परिणाम सामने आए हैं।
UCC लागू करने से पहले राज्यों का अध्ययन जरूरी: जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात, असम सहित कई राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार को यह बताना चाहिए कि उन राज्यों में इसके क्या फायदे और नुकसान हुए हैं।उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए इतने महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। सरकार को पहले विभिन्न राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर जनता के सामने रिपोर्ट रखनी चाहिए।
पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से काफी अलग हैं। यहां बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करता है जिनकी अपनी परंपराएं, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान है।
आदिवासी समुदाय के अधिकारों को लेकर जताई चिंता
जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 60 लाख आदिवासी और स्थानीय निवासी हैं। इन समुदायों की अपनी विशिष्ट सामाजिक व्यवस्थाएं और सांस्कृतिक परंपराएं हैं।उन्होंने कहा कि UCC लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आदिवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।पटवारी के अनुसार, यदि सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय चाहती है तो उसे पहले सभी समुदायों से संवाद स्थापित करना चाहिए और उनकी राय को प्राथमिकता देनी चाहिए।
महंगाई पर सरकार को घेरा
UCC के मुद्दे के साथ-साथ जीतू पटवारी ने महंगाई को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस काम करती दिखाई नहीं दे रही।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के सवाल पर सरकार की स्थिति “जीरो बटे सन्नाटा” जैसी है।
पटवारी ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से देश की जनता परेशान है। आम आदमी का बजट बिगड़ चुका है और लोगों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती।उन्होंने कहा कि देश की जनता महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन सरकार का ध्यान मूल मुद्दों से हटकर दूसरे विषयों पर केंद्रित है।
घुसपैठियों के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने कितने घुसपैठियों को देश से बाहर किया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
पटवारी ने कहा कि सरकार को आंकड़ों के साथ जनता को बताना चाहिए कि घुसपैठ रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं और उनके क्या परिणाम सामने आए हैं।उन्होंने कहा कि जनता को वास्तविक स्थिति जानने का अधिकार है और सरकार को इस विषय पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए।
कांग्रेस ने सामाजिक संवाद की मांग की
कांग्रेस का कहना है कि UCC जैसे संवेदनशील और व्यापक प्रभाव वाले विषय पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।पार्टी का मानना है कि सरकार को सभी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समूहों के साथ व्यापक संवाद करना चाहिए। साथ ही विभिन्न समुदायों के हितों और संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी भी बड़े कानून को लागू करने से पहले उसकी सामाजिक स्वीकार्यता और व्यावहारिक प्रभावों का मूल्यांकन आवश्यक है।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का पलटवार
जीतू पटवारी के बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को UCC को लेकर कोई सुझाव देना है तो वह प्रशासनिक अकादमी जाकर समिति और अधिकारियों के सामने अपने सुझाव रख सकती है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह UCC में किस प्रकार के प्रावधान चाहती है। यदि पार्टी के पास कोई रचनात्मक सुझाव है तो उसे औपचारिक रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।उन्होंने कहा कि UCC से आदिवासी समाज को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। जिन लोगों को इस कानून से दिक्कत है, कांग्रेस स्वयं अच्छी तरह जानती है कि वे कौन हैं।
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर सरकार द्वारा बनाई गई समिति के गठन के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा इसे समान नागरिक अधिकारों और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस व्यापक अध्ययन और सामाजिक सहमति की मांग कर रही है।आने वाले दिनों में समिति की बैठकों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं के चलते यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
