वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण होने पर थांदला में 90 तपस्वियों की तपस्या का विशेष आयोजन हुआ। व्होरा परिवार ने तप अनुमोदना एवं पारणे का लाभ लेकर धार्मिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की।
वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण: व्होरा परिवार ने तप अनुमोदना का लिया लाभ
रिपोर्टर : पवन नाहर | थांदला
वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण
थांदला नगर में चल रही वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण होने पर धार्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला। जैन समाज में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के समय से चली आ रही वर्षितप आराधना की परंपरा आज भी श्रद्धा और समर्पण के साथ निभाई जा रही है।
रत्न जिन शासन गौरव जैनाचार्य पूज्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के पावन पुण्य स्मरण में पूज्य श्री धर्मदास गण परिषद के आह्वान पर अणु शताब्दी वर्ष की अष्ट वर्षीय आराधना क्रम के अंतर्गत थांदला नगर में सामूहिक वर्षितप का आयोजन किया जा रहा है।
करीब 90 वर्षितप आराधकों की तपस्या बुद्धपुत्र पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी की आज्ञानुवर्ती महासती पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा., पूज्या श्री दिव्यशीलाजी म.सा., पूज्या श्री प्रियशीलाजी म.सा. एवं पूज्या श्री दीप्तिश्री म.सा. के पावन सानिध्य में निरंतर जारी है।
वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण होने पर व्होरा परिवार को मिला पारणे का लाभ
वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण होने के अवसर पर पारणे के लाभार्थी बनने का सौभाग्य थांदला श्रीसंघ के पूर्व परामर्शदाता चतर्भुज व्होरा परिवार के लघु पुत्र रमेशचंद्र व्होरा को प्राप्त हुआ।उल्लेखनीय है कि व्होरा परिवार में:
- श्रीमती अंगुरबाला राजेन्द्र कुमार
- स्नेहलता अशोक कुमार
- पुखराज सुरेशचंद्र
- रीता महेश कुमार
- सपना प्रदीप
- राखी नितेश व्होरा
के वर्षितप चल रहे हैं।ऐसे में व्होरा परिवार सहित समस्त तपस्वियों की वर्षितप आराधना पर मयंक रमेशचंद्र व्होरा ने धार्मिक एवं पुण्यमयी स्वरूप प्रदान करते हुए तपस्वियों को अनुकूल पदार्थों से आहार करवाया तथा प्रभावना प्रदान कर तप अनुमोदना का लाभ लिया।
तपस्वियों के सम्मान में जुटा पूरा परिवार
इस अवसर पर व्होरा परिवार के महेश, आशीष, नितेश, निखिल, पार्षद अखिल, मयंक, दिव्यांश, विनीता, खुशबू, रानू, दृष्टि, देशना, सावी एवं धरा सहित परिवारजन और मित्रगण उपस्थित रहे।धार्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं के मन में तप, त्याग और संयम के प्रति विशेष आस्था का संचार किया।
वर्षितप पारणें लाभार्थी व सेवा देने वाले ले रहे बढ़-चढ़कर हिस्सा
श्रीसंघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, सचिव हितेश शाहजी एवं प्रवक्ता पवन नाहर ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर में चल रही वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण होने के साथ-साथ तपस्वियों के पारणों का लाभ लेने के लिए समाजजनों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत परिवार अपने विशेष अवसरों को तपस्वियों की सेवा एवं तप अनुमोदना के माध्यम से सार्थक बना रहे हैं।
वहीं पुष्पा घोड़ावत, किरण श्रीश्रीमाल, दिलीप शाहजी, संजय व्होरा, प्रवीण पालरेचा, प्रवीण मेहता, कमलेश कुवाड़, राकेश श्रीमाल, राजेश सेठिया, रवि लोढ़ा, अखिल श्रीश्रीमाल एवं कपिल पीचा सहित अनेक नित्य सेवादार सेवा कार्यों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
नई पीढ़ी को मिल रही धार्मिक प्रेरणा
समाजजनों का मानना है कि वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण जैसी धार्मिक साधनाएं केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम ही नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी को जैन धर्म की तपस्या, संयम और त्याग की महान परंपराओं से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम हैं।इस प्रकार के आयोजन धार्मिक संस्कारों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में सेवा, समर्पण और आध्यात्मिकता के मूल्यों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
निष्कर्ष
थांदला नगर में चल रही वर्षितप आराधना 100 दिन पूर्ण होने पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम जैन समाज की आस्था, तपस्या और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बना। व्होरा परिवार द्वारा तप अनुमोदना एवं पारणे का लाभ लेकर धार्मिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की गई।
